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दिल्ली साइकिल घोटाला: सौरभ भारद्वाज का आरोप, दो हफ्ते में टूटने लगीं छात्राओं को दी गई साइकिलें

सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार पर छात्राओं को दी गई साइकिलों की खराब गुणवत्ता और खरीद में अनियमितता के आरोप लगाए।

दिल्ली में सरकारी स्कूलों की छात्राओं को बांटी गई साइकिलों की गुणवत्ता को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। आप नेता और पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया है कि छात्राओं को दी गई कई साइकिलें इस्तेमाल के कुछ ही दिनों बाद खराब होने लगीं। उन्होंने इसे दिल्ली साइकिल घोटाला बताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।

सौरभ भारद्वाज ने साइकिलों की गुणवत्ता पर उठाए सवाल

सौरभ भारद्वाज का दावा है कि दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों की छात्राओं के लिए जिन साइकिलों की खरीद की, उनकी कीमत बाजार में उपलब्ध साइकिलों की तुलना में अधिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 4 हजार रुपये में मिलने वाली साइकिलों को लगभग 7 हजार रुपये में खरीदा गया।

आप नेता ने दावा किया कि खरीद प्रक्रिया में प्रति साइकिल करीब 3 हजार रुपये की कथित कमीशनखोरी हुई। हालांकि, ये सभी आरोप राजनीतिक तौर पर लगाए गए हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि इस सामग्री में उपलब्ध नहीं है।

छात्राओं के वीडियो साझा कर किया दावा

सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ छात्राओं के वीडियो साझा किए। उनके मुताबिक, वीडियो में छात्राएं सरकार की ओर से मिली साइकिलों की खराब गुणवत्ता की शिकायत कर रही हैं।

दावों के अनुसार, कुछ छात्राओं ने बताया कि साइकिल मिलने के एक-दो सप्ताह के भीतर ही उसके हिस्से टूटने लगे। कुछ अन्य छात्राओं ने भी साइकिल की मजबूती को लेकर शिकायतें सामने रखीं।

इन शिकायतों को आधार बनाकर सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली साइकिल घोटाला मामले में सरकार से जांच कराने की मांग दोहराई है।

एलजी से जांच कराने की अपील

सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली के उपराज्यपाल से भी मामले की जांच कराने की अपील की। उनका कहना है कि आम आदमी पार्टी पहले भी साइकिलों की खरीद और उनकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा चुकी है।

उन्होंने दावा किया कि करीब 1.30 लाख साइकिलें छात्राओं को वितरित की गईं और अब इनकी गुणवत्ता को लेकर छात्राओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने मांग की कि खरीद प्रक्रिया, कीमत और साइकिलों की गुणवत्ता की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।

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सरकार की ओर से जवाब का इंतजार

दिल्ली साइकिल घोटाला से जुड़े इन आरोपों पर दिल्ली सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया इस दिए गए विवरण में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में खरीद की वास्तविक लागत, गुणवत्ता मानकों और कथित अनियमितताओं से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मामला सामने आने के बाद साइकिलों की खरीद प्रक्रिया और छात्राओं को वितरित किए गए वाहनों की गुणवत्ता को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

मनजिंदर सिंह सिरसा से भी सौरभ भारद्वाज का सवाल

सौरभ भारद्वाज ने भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा से भी एक अलग मुद्दे को लेकर सवाल किया। उन्होंने “मनजीत सिंह औलख” नाम के एक व्यक्ति के बारे में सिरसा से सार्वजनिक रूप से जानकारी देने की मांग की।

भारद्वाज ने दावा किया कि उनके पास इस व्यक्ति से जुड़ी एक कथित धोखाधड़ी मामले की एफआईआर के संबंध में जानकारी है, जिसमें उसे आरोपी बनाए जाने की बात कही गई है। उन्होंने सिरसा से पूछा कि क्या वह मनजीत सिंह औलख को जानते हैं और क्या उनके साथ उनका कोई करीबी संबंध है।

हालांकि, इस आरोप और व्यक्ति की कथित भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती। इसलिए इस मामले में संबंधित पक्षों का जवाब और आधिकारिक रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।

राजनीतिक आरोपों के बीच जांच की मांग

दिल्ली में छात्राओं को दी गई साइकिलों की गुणवत्ता का मुद्दा अब राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। आम आदमी पार्टी जहां खरीद प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का आरोप लगा रही है, वहीं मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

दिल्ली साइकिल घोटाला मामले में साइकिलों की खरीद कीमत, गुणवत्ता, वितरण और शिकायतों की जांच से यह पता चल सकता है कि नियमों का पालन हुआ या नहीं। फिलहाल विपक्ष की ओर से सरकार पर लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक जांच और सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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