हरभजन सिंह ईटीओ ने गुलजार सिंह की मौत पर कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया और 1984 का जिक्र करते हुए पार्टी पर निशाना साधा।
पंजाब में गुलजार सिंह की मौत को लेकर सियासत तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के नेता और कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी को मृत व्यक्ति की मौत पर राजनीति करने से बचना चाहिए और मामले में कानून को अपना काम करने देना चाहिए।
हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि गुलजार सिंह की मौत बेहद दुखद और पीड़ादायक घटना है। पंजाब सरकार ने मामले में पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। इसके अलावा पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कांग्रेस पर दुख को राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप
कैबिनेट मंत्री ने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार को इस मुश्किल समय में संभलने और अपने दुख से उबरने के लिए समय देने के बजाय कांग्रेस नेता घटना को राजनीतिक मुद्दे के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं।
हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि पंजाब की जनता संवेदनशीलता और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर कांग्रेस के पुराने रिकॉर्ड को नहीं भूली है। उन्होंने विशेष रूप से 1984 के सिख विरोधी हिंसा के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि पंजाब उस समय मारे गए निर्दोष लोगों को आज भी नहीं भूला है।
उन्होंने कांग्रेस से जुड़े नेताओं पर उस दौर में राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोपों का भी उल्लेख किया। मंत्री ने कहा कि 1984 के दंगों से जुड़े मामलों में पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को दोषी ठहराया जा चुका है और उनका नाम उस काले दौर की याद दिलाता है।
राजा वड़िंग के बयान को लेकर भी उठाए सवाल
हरभजन सिंह ईटीओ ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग के पुराने बयानों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वड़िंग ने पंजाब के प्रमुख दलित नेता सरदार बूटा सिंह को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक और रंग आधारित टिप्पणी की थी।
मंत्री के अनुसार, इन टिप्पणियों को लेकर FIR दर्ज हुई थी और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने भी पंजाब पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जो कांग्रेस नेता अब दलित सम्मान और संवेदनशीलता की बात कर रहे हैं, वे पहले ऐसे बयानों के समय कहां थे।
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उन्होंने कहा कि सरदार बूटा सिंह ने सार्वजनिक जीवन में लंबा योगदान दिया और केंद्रीय गृह मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद तक पहुंचे। ऐसे नेता के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेतृत्व को जवाब देना चाहिए।
‘पंजाब सब याद रखता है’
हरभजन सिंह ईटीओ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब 1984 की घटनाओं को नहीं भूला है। उन्होंने सवाल किया कि उस समय कांग्रेस की ओर से दलितों और पंजाब के लोगों के प्रति चिंता कहां थी और उस दौर से जुड़े नेताओं को मिले राजनीतिक प्रभाव पर पार्टी ने क्या रुख अपनाया था।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी दिल्ली से सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हैं और राजा वड़िंग पंजाब पहुंचते हैं, लेकिन दोनों का उद्देश्य कथित तौर पर एक दुखद मौत को राजनीतिक मुद्दे में बदलना है। मंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार के दुख को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना स्वीकार्य नहीं है।
‘दुखद मौत को राजनीतिक सीढ़ी न बनने दें’
हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि पंजाब की जनता डर, सांप्रदायिक विभाजन और मानवीय त्रासदियों के राजनीतिक इस्तेमाल की राजनीति को कई बार खारिज कर चुकी है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि किसी गरीब दलित कार्यकर्ता की मौत को राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी करने की सीढ़ी नहीं बनने दिया जाएगा। मंत्री ने मामले की जांच पर भरोसा रखने और कानून को अपना काम करने देने की अपील की।
हरभजन सिंह ईटीओ ने दोहराया कि सरकार ने मामले में SIT गठित करने के साथ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और आगे की प्रक्रिया जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।
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