इसुदान गढ़वी ने गुजरात में आदिवासी न्याय यात्रा के दौरान आदिवासी समाज से भाजपा को वोट न देने का संकल्प लेने की अपील की। यात्रा उमरगाम से अंबाजी तक जाएगी।
गुजरात में आम आदमी पार्टी ने विधायक चैतर वसावा के समर्थन और आदिवासी समाज के अधिकारों को लेकर ‘आदिवासी न्याय यात्रा’ शुरू की है। उमरगाम से अंबाजी तक प्रस्तावित इस यात्रा का नेतृत्व चैतर वसावा की पत्नी वर्षाबेन वसावा और शकुंतलाबेन वसावा कर रही हैं। यात्रा के शुभारंभ से पहले आप के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने आदिवासी समाज से एकजुट होने और भाजपा को वोट नहीं देने का संकल्प लेने की अपील की। आदिवासी न्याय यात्रा के जरिए पार्टी नेताओं ने चैतर वसावा की रिहाई, आदिवासी समुदाय के अधिकारों और जमीन से जुड़े मुद्दों को उठाया।
यात्रा में आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी, विधायक गोपाल इटालिया, प्रदेश संगठन महामंत्री मनोज सौरठिया, प्रदेश उपाध्यक्ष राजूभाई वलवई और युवराजसिंह जाडेजा सहित कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। पार्टी नेताओं ने कहा कि इस अभियान के माध्यम से गांव-गांव जाकर आदिवासी समुदाय को उसके अधिकारों और मौजूदा समस्याओं के प्रति जागरूक किया जाएगा।
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इसुदान गढ़वी ने भाजपा सरकार पर लगाए आरोप
यात्रा से पहले पत्रकारों से बातचीत में इसुदान गढ़वी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने आदिवासी अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले चैतर वसावा को साजिश के तहत जेल में डाला है। उन्होंने कहा कि चैतर वसावा की अनुपस्थिति में वर्षाबेन और शकुंतलाबेन समाज को एकजुट करने के लिए संघर्ष कर रही हैं।
गढ़वी ने वनबंधु योजना के तहत पांच वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये खर्च करने के भाजपा सरकार के दावे पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप था कि इस राशि का लाभ आदिवासी समुदाय तक प्रभावी रूप से नहीं पहुंचा। उन्होंने राज्य स्तरीय आदिजाति सलाहकार परिषद की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के पास होने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस पद पर आदिवासी समुदाय के व्यक्ति को जिम्मेदारी मिलनी चाहिए।
उन्होंने वादा किया कि गुजरात में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने पर परिषद का अध्यक्ष आदिवासी समुदाय से होगा। साथ ही, उन्होंने जल, जंगल और जमीन से जुड़े अधिकारों तथा अनुसूचित क्षेत्रों में जमीन के संरक्षण का मुद्दा उठाया। गढ़वी ने आरोप लगाया कि आदिवासियों की जमीन उद्योगपतियों को दी जा रही है और समुदाय के हितों की अनदेखी की जा रही है।
गोपाल इटालिया बोले- आदिवासी अधिकारों की आवाज दबाने का आरोप
आम आदमी पार्टी के विसावदर विधायक गोपाल इटालिया ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चैतर वसावा को आदिवासी समुदाय के अधिकारों के लिए आवाज उठाने के कारण निशाना बनाया गया है। इटालिया के मुताबिक, चैतर वसावा जमीन, छात्रवृत्ति, फ्रीशिप कार्ड, रोजगार और औद्योगिक परियोजनाओं से प्रभावित आदिवासी परिवारों के मुद्दे उठाते रहे हैं।
इटालिया ने दावा किया कि चैतर वसावा के खिलाफ की गई कार्रवाई अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि किसी समाज के प्रतिनिधि को जेल में डालना उस समुदाय की आवाज को प्रभावित करता है। हालांकि, सरकार और संबंधित जांच एजेंसियों का पक्ष इन राजनीतिक आरोपों के संदर्भ में अलग हो सकता है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी न्याय यात्रा का उद्देश्य चैतर वसावा की रिहाई की मांग के साथ आदिवासी समाज के स्वाभिमान और अधिकारों की रक्षा के लिए लोगों को एक मंच पर लाना है। उनके अनुसार, यात्रा के दौरान विभिन्न गांवों में लोगों से संवाद कर समुदाय की समस्याओं को सामने रखा जाएगा।
वर्षाबेन वसावा ने जनता से मांगा समर्थन
चैतर वसावा की पत्नी वर्षाबेन वसावा ने कहा कि उमरगाम से शुरू हुई इस यात्रा का मकसद आदिवासी समुदाय के साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना है। उन्होंने कहा कि परिवार के मुख्य सदस्य की अनुपस्थिति में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन लोगों के समर्थन से उनका हौसला बना हुआ है।
वर्षाबेन ने गुजरात के लोगों से यात्रा में शामिल होने और आदिवासी समाज के अधिकारों की लड़ाई में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि चैतर वसावा हमेशा उन लोगों के साथ खड़े रहे हैं, जिनके साथ अन्याय हुआ है। अब उनके परिवार को भी समाज के समर्थन की उम्मीद है।
शकुंतलाबेन ने शिक्षा, जमीन और रोजगार के मुद्दे उठाए
शकुंतलाबेन वसावा ने कहा कि यह अभियान केवल चैतर वसावा से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि पूरे आदिवासी समाज के अधिकारों और न्याय की मांग का प्रतीक है। उन्होंने अनुसूची पांच, जंगल और जमीन के अधिकार, शिक्षा, फर्जी प्रमाणपत्र तथा बेरोजगारी जैसे मुद्दों का उल्लेख किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने चैतर वसावा और उनके परिवार के सदस्यों को गलत तरीके से मामलों में फंसाया है। शकुंतलाबेन ने कहा कि यात्रा के जरिए आदिवासी समुदाय को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा और न्याय की मांग को मजबूत किया जाएगा।
अंबाजी से उमरगाम तक आदिवासी समुदाय को जोड़ने की कोशिश
आदिवासी न्याय यात्रा के माध्यम से आम आदमी पार्टी गुजरात के आदिवासी बहुल इलाकों में लोगों से संपर्क करने और जमीन, शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाने की योजना बना रही है। इसुदान गढ़वी ने युवाओं, किसानों और महिलाओं से बड़ी संख्या में यात्रा में शामिल होने की अपील की।
उन्होंने आदिवासी समाज से एकजुट होकर अपने राजनीतिक फैसलों पर विचार करने और भाजपा को वोट नहीं देने का संकल्प लेने को कहा। पार्टी नेताओं का कहना है कि इस अभियान का लक्ष्य चैतर वसावा के समर्थन के साथ-साथ आदिवासी समुदाय की समस्याओं को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में लाना है।
यात्रा के दौरान आम आदमी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता विभिन्न गांवों में लोगों से संवाद करेंगे। पार्टी को उम्मीद है कि इस पहल से आदिवासी समाज के अधिकारों, जमीन की सुरक्षा और शिक्षा-रोजगार जैसे मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी।
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