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Airtel की ‘Priority Postpaid’ बनी ‘Fast Lane’: नाम बदला, 5G स्लाइसिंग सर्विस पर जारी रहा विवाद

नेट न्यूट्रैलिटी बहस के बीच Airtel ने किया ब्रांड बदलाव, लेकिन 5G नेटवर्क स्लाइसिंग सर्विस पहले जैसी जारी

Airtel ने Priority Postpaid का नाम बदलकर Fast Lane कर दिया है। 5G स्लाइसिंग सर्विस जारी, नेट न्यूट्रैलिटी बहस के बीच बड़ा बदलाव।

देश की प्रमुख टेलीकॉम कंपनी Airtel ने अपनी चर्चित Priority Postpaid सर्विस का नाम बदलकर “Fast Lane” कर दिया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब कंपनी की यह 5G नेटवर्क स्लाइसिंग आधारित सर्विस लगातार नेट न्यूट्रैलिटी को लेकर बहसों के केंद्र में रही है।

कंपनी ने साफ किया है कि यह बदलाव किसी प्लान को बंद करने का संकेत नहीं है, बल्कि केवल ब्रांडिंग अपडेट है। सर्विस और इसके फायदे पहले की तरह ही जारी रहेंगे।

क्या है Fast Lane सर्विस?

Airtel की यह सर्विस 5G नेटवर्क स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जिसमें पोस्टपेड यूजर्स को नेटवर्क का एक अलग “प्रायोरिटी स्लाइस” दिया जाता है।

इसका उद्देश्य है:
बेहतर और स्थिर इंटरनेट स्पीड देना
नेटवर्क कंजेशन में भी स्मूद एक्सपीरियंस
5G सपोर्टेड डिवाइस पर अनलिमिटेड डेटा के साथ हाई-स्पीड कनेक्टिविटी

नाम क्यों बदला गया?

रिपोर्ट्स के अनुसार, Airtel ने पहले इसे Priority Postpaid नाम से लॉन्च किया था। लेकिन लॉन्च के बाद उठे विवाद और बहस के बीच कंपनी ने इसका नाम बदलकर Fast Lane कर दिया।

Airtel के प्रवक्ता के मुताबिक:

लॉन्च कैंपेन खत्म होने के बाद यह बदलाव किया गया
सर्विस की तकनीक और लाभों में कोई बदलाव नहीं हुआ
पोस्टपेड यूजर्स को पहले की तरह ही 5G स्लाइसिंग का फायदा मिलता रहेगा

नेट न्यूट्रैलिटी पर क्यों उठा विवाद?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब 19 मई को Airtel ने इस प्रीमियम पोस्टपेड प्लान को लॉन्च किया। इसमें एंटरप्राइज़ लेवल पर इस्तेमाल होने वाली 5G स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी को आम यूजर्स तक लाया गया।

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इसके बाद सवाल उठे कि:

क्या यह “इंटरनेट फेयरनेस” यानी नेट न्यूट्रैलिटी के नियमों के खिलाफ है?
क्या कुछ यूजर्स को प्राथमिकता देना बाकी ग्राहकों के साथ भेदभाव है?

हालांकि कंपनी का कहना है कि:

यह तकनीक नेटवर्क क्षमता को बेहतर तरीके से मैनेज करने के लिए है
प्रीपेड यूजर्स के अनुभव पर इसका कोई असर नहीं पड़ता

यूजर्स पर क्या असर पड़ेगा?

कंपनी के अनुसार:

5G सपोर्टेड फोन वाले पोस्टपेड यूजर्स को ही इसका लाभ मिलेगा
तेज स्पीड और बेहतर नेटवर्क स्थिरता जारी रहेगी
सर्विस के नाम में बदलाव से उपयोगकर्ताओं के अनुभव पर कोई असर नहीं होगा

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