असम बाढ़ संकट: पीएम मोदी ने सांसदों के साथ की समीक्षा बैठक, विधायकों ने राहत के लिए एक महीने का वेतन देने का किया ऐलान
असम बाढ़ संकट पर पीएम मोदी ने सांसदों के साथ समीक्षा बैठक की। विधायकों ने राहत कार्यों के लिए एक महीने का वेतन दान करने का ऐलान किया।
असम बाढ़ संकट: असम में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राज्य के कई जिले अब भी जलमग्न हैं और हजारों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को असम के सांसदों के साथ बैठक कर हालात की समीक्षा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर राहत और बचाव कार्यों में हरसंभव सहयोग कर रही है।
पीएम मोदी ने असम बाढ़ संकट की स्थिति पर की चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने असम के सांसदों से मुलाकात कर बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार प्रभावित लोगों की मदद के लिए लगातार राज्य प्रशासन के संपर्क में है और सभी की सुरक्षा व कुशलता के लिए प्रार्थना की।
राहत कार्यों के लिए विधायकों का बड़ा फैसला
बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए असम विधानसभा के अधिकांश विधायकों ने अपना एक महीने का वेतन राहत एवं पुनर्वास कार्यों के लिए दान करने का निर्णय लिया है। रायजोर दल को छोड़कर लगभग सभी दलों के विधायकों ने इस पहल का समर्थन किया।
विधानसभा अध्यक्ष रणजीत कुमार दास ने घोषणा की कि वह स्वयं और उपाध्यक्ष हब्बे टेरोन एक महीने का वेतन देंगे। इसके साथ ही विधानसभा सचिवालय के कर्मचारियों ने भी एक दिन का वेतन राहत कोष में देने का फैसला किया है।
भाजपा और अन्य दलों ने भी किया समर्थन
संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के सभी विधायक भी एक महीने का वेतन बाढ़ राहत के लिए दान करेंगे। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के विधायक शेरमन अली अहमद ने भी प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए अपना एक महीने का वेतन देने की घोषणा की।
also read:- E20 जनता पार्टी ने संसद मार्च का किया ऐलान, शुद्ध पेट्रोल…
कई गांव अब भी बाढ़ की चपेट में| असम बाढ़ संकट
राज्य के शिवसागर जिले सहित कई इलाकों में हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। नौजान क्षेत्र में बाढ़ का पानी घरों और सड़कों तक पहुंच चुका है, जिससे लोगों को सुरक्षित आश्रय, भोजन और स्वच्छ पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 631 गांव अभी भी जलमग्न हैं। राहत एवं पुनर्वास कार्य 184 राहत शिविरों और वितरण केंद्रों के माध्यम से जारी हैं, जहां करीब 28,700 लोगों को अस्थायी आश्रय दिया गया है।
भारतीय वायुसेना चला रही राहत अभियान
भारतीय वायुसेना ने असम और नागालैंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत अभियान तेज कर दिया है। खराब मौसम के बावजूद हेलीकॉप्टरों के माध्यम से लगातार बचाव कार्य किए जा रहे हैं।
वायुसेना के अनुसार, पिछले दस दिनों में 458 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। इसके अलावा, 9 टन से अधिक राहत सामग्री हवाई मार्ग से प्रभावित इलाकों तक पहुंचाई जा चुकी है।
राहत और पुनर्वास पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार और केंद्र सरकार मिलकर प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और पुनर्वास कार्यों को गति देने में जुटी हैं। प्रशासन का कहना है कि जलस्तर कम होने के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन किया जाएगा ताकि प्रभावित परिवारों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
For English News: http://newz24india.in
Visit WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Vb4ZuKSLSmbVWNb1sx1x



