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E20 पेट्रोल माइलेज पर अरविंद केजरीवाल का बड़ा सवाल, 29 ऑटो कंपनियों से 7 दिन में मांगा जवाब

E20 पेट्रोल से गाड़ियों की माइलेज और प्रदर्शन पर उठ रहे सवालों के बीच अरविंद केजरीवाल ने 29 वाहन निर्माताओं को पत्र लिखकर दावों का आधार स्पष्ट करने को कहा।

E20 पेट्रोल माइलेज पर अरविंद केजरीवाल ने 29 ऑटो कंपनियों से 7 दिन में जवाब मांगा। जानें E20 ईंधन, माइलेज और वाहन प्रदर्शन पर पूरा विवाद।

E20 पेट्रोल माइलेज को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देश की 29 प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखकर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों की माइलेज और परफॉर्मेंस पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कंपनियों से सात दिनों के भीतर लिखित जवाब देने को कहा है ताकि वाहन मालिकों के मन में मौजूद भ्रम दूर हो सके।

केजरीवाल ने अपने पत्र में कहा कि कई वाहन निर्माता पहले सार्वजनिक रूप से यह दावा कर चुके हैं कि E20 पेट्रोल माइलेज को प्रभावित नहीं करता और इससे वाहन के प्रदर्शन पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता। ऐसे में उन्होंने कंपनियों से पूछा है कि यह दावा किन तकनीकी परीक्षणों और शोध के आधार पर किया गया है।

किन कंपनियों को भेजा गया पत्र?

अरविंद केजरीवाल ने जिन प्रमुख कंपनियों को पत्र भेजा है, उनमें मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर और हीरो मोटोकॉर्प समेत कुल 29 ऑटोमोबाइल निर्माता शामिल हैं। इन कंपनियों से अनुरोध किया गया है कि वे उपभोक्ताओं के सामने स्पष्ट रूप से बताएं कि E20 पेट्रोल का वाहन की माइलेज और इंजन की कार्यक्षमता पर वास्तविक प्रभाव क्या है।

क्या है E20 पेट्रोल?

E20 पेट्रोल एक ऐसा ईंधन मिश्रण है जिसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल होता है। केंद्र सरकार इसे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने, एथेनॉल उत्पादन को बढ़ावा देने और प्रदूषण घटाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानती है। इसी नीति के तहत देशभर में E20 ईंधन का उपयोग धीरे-धीरे बढ़ाया जा रहा है।

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माइलेज को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

हाल के दिनों में कई वाहन मालिकों ने E20 पेट्रोल माइलेज को लेकर चिंता जताई है। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद उनकी गाड़ियों की माइलेज में अंतर महसूस हुआ है। हालांकि कई ऑटोमोबाइल कंपनियां पहले ही यह स्पष्ट कर चुकी हैं कि E20 अनुकूल (E20 Compatible) वाहनों में इस ईंधन के उपयोग से माइलेज पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ता।

इन्हीं दावों को आधार बनाते हुए अरविंद केजरीवाल ने कंपनियों से कहा है कि वे अपने दावों के पीछे मौजूद वैज्ञानिक और तकनीकी प्रमाण सार्वजनिक करें ताकि उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिल सके।

उपभोक्ताओं के लिए पारदर्शिता की मांग

केजरीवाल का कहना है कि जब लाखों वाहन मालिक E20 पेट्रोल का उपयोग कर रहे हैं, तब कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे ईंधन के प्रभाव से जुड़ी पूरी जानकारी पारदर्शी तरीके से साझा करें। उनका मानना है कि इससे उपभोक्ताओं का भरोसा भी बढ़ेगा और किसी भी तरह की गलतफहमी दूर होगी।

अब सभी की नजर उन 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों के जवाब पर है, जिन्हें सात दिनों के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। यदि कंपनियां विस्तृत तकनीकी जानकारी साझा करती हैं, तो E20 पेट्रोल माइलेज को लेकर चल रही बहस को नई दिशा मिल सकती है।

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