अरविंद केजरीवाल ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कानूनी व मेडिकल सहायता के लिए AAP हेल्पलाइन 85888-33548 जारी की।
घायल आंदोलनकारियों का हालचाल जानने अरविंद केजरीवाल अस्पताल और लापता बच्चों की जानकारी के लिए पुलिस स्टेशन जाएंगे
अंग्रेज भी शर्मिंदा हो जाएं, ऐसा निर्दयी लाठीचार्ज मोदी सरकार ने छात्रों पर किया : अरविंद केजरीवाल
पीड़ित छात्रों के लिए ‘आप’ की मुफ्त कानूनी और चिकित्सीय सहायता की घोषणा, देश के सर्वश्रेष्ठ वकीलों को नियुक्त करने का भरोसा : अरविंद केजरीवाल
पेपर लीक बंद हो और शिक्षा व्यवस्था सुधरे, यह मांग पूरी तरह न्यायसंगत है, कोई अपराध नहीं : अरविंद केजरीवाल
संसद मार्च में मेरे अपने दोनों बच्चे भी छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंसू गैस के बीच खड़े थे : अरविंद केजरीवाल
140 करोड़ देशवासी हमारा परिवार हैं, छात्रों पर अत्याचार करने वाली सरकार के खिलाफ एकजुट होकर लड़ेंगे : अरविंद केजरीवाल
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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में छात्रों पर हुए पुलिस दमन पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि, कल मोदी सरकार ने हमारे देश के मासूम बच्चों और युवाओं पर जिस निर्दयता से हमला किया, वह अत्यंत शर्मनाक है, जिससे अंग्रेज भी शर्मिंदा हो जाएं। सोशल मीडिया पर युवाओं पर हुए लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और झूठे मामले दर्ज किए जाने के वीडियो देखकर दिल दहल उठता है। जिन अभिभावकों के बच्चे लापता हैं या जिन पर झूठी एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है, उनकी सहायता के लिए आम आदमी पार्टी ने विशेष कानूनी और मेडिकल टीम तैयार की है। किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता के लिए 85888-33548 नंबर पर मैसेज करने पर तुरंत कॉल बैक आएगा और जरूरत पड़ने पर देश के सर्वश्रेष्ठ वकीलों को नियुक्त कर भी बच्चों को न्याय दिलाया जाएगा। केजरीवाल ने आगे कहा कि वे अस्पताल में भर्ती घायल युवाओं का हालचाल जानने जा रहे हैं और उसके बाद पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाकर यह पूरी जानकारी प्राप्त करेंगे कि किन-किन बच्चों को किस जेल में रखा गया है।
अरविंद केजरीवाल ने आगे स्पष्ट किया कि, वे पंजाब के पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण संसद मार्च में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सके, लेकिन उनके दोनों बच्चे स्वयं चार-पांच घंटे तक आंदोलन में युवाओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंसू गैस के गोलों के बीच खड़े रहे। 140 करोड़ देशवासी हमारा एक ही परिवार हैं और हम सभी को मिलकर इस अन्याय के खिलाफ लड़ना होगा। हमारी मांगें पूरी तरह न्यायसंगत हैं; देश में एक बेहतर शिक्षा व्यवस्था होनी चाहिए, परीक्षाएं पारदर्शी तरीके से आयोजित होनी चाहिए और पेपर लीक पर रोक लगनी चाहिए। यह किसी भी जिम्मेदार सरकार का प्राथमिक कर्तव्य होता है। लेकिन अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय अपने अधिकार मांग रहे बच्चों पर आंसू गैस के गोले छोड़ना और लाठीचार्ज करना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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