राज्यउत्तर प्रदेश

गोरक्षपीठ में महानिशा पूजा करेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ, कन्या पूजन के बाद विजयादशमी शोभायात्रा की संभालेंगे कमान

सीएम योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठ में महानिशा पूजा और कन्या पूजन करेंगे। विजयादशमी पर गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली शोभायात्रा की अगुवाई भी करेंगे।

गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में शारदीय नवरात्र के अंतिम दिनों में धार्मिक अनुष्ठानों और पारंपरिक आयोजनों की विशेष तैयारियां की गई हैं। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ अष्टमी से विजयादशमी तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस दौरान वह महानिशा पूजा, कन्या पूजन और गुरु गोरखनाथ की विशेष आराधना करेंगे। इसके बाद 20 अक्टूबर को ऐतिहासिक विजयादशमी शोभायात्रा का नेतृत्व करेंगे।

सीएम योगी आदित्यनाथ रविवार से मंगलवार तक लगातार तीन दिनों तक गोरक्षपीठ की परंपराओं के अनुरूप विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजनों में भाग लेंगे। इन अनुष्ठानों में लोककल्याण, सामाजिक सद्भाव और जनमंगल की कामना की जाएगी।

अष्टमी पर होगी महानिशा पूजा और हवन

शारदीय नवरात्र की अष्टमी पर रविवार की शाम गोरखनाथ मंदिर में महानिशा पूजा का आयोजन होगा। गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना और हवन करेंगे। इस दौरान वह प्रदेश और समाज के कल्याण की कामना करेंगे।

नवरात्र की शुरुआत में गोरक्षपीठाधीश्वर ने मंदिर परिसर स्थित शक्तिपीठ में कलश स्थापना की थी। इसके बाद से नियमित पूजन और अनुष्ठानों की जिम्मेदारी मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ उनके प्रतिनिधि के रूप में निभा रहे हैं। अष्टमी से विजयादशमी तक मुख्यमंत्री स्वयं प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल होंगे।

महानवमी पर कन्याओं के पैर पखारकर करेंगे पूजन

19 अक्टूबर को महानवमी के अवसर पर सुबह 11 बजे से गोरक्षपीठ में कन्या पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस अनुष्ठान में सीएम योगी आदित्यनाथ नौ दुर्गा स्वरूपा कन्याओं का पूजन करेंगे।

परंपरा के अनुसार, वह कन्याओं के पैर पखारेंगे और उनके माथे पर रोली, चंदन, दही तथा अक्षत का तिलक लगाकर पूजा करेंगे। इसके बाद कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन कराया जाएगा। मुख्यमंत्री उन्हें दक्षिणा और उपहार देकर उनका आशीर्वाद भी लेंगे। इस अवसर पर बटुक पूजन की परंपरा का भी पालन किया जाएगा।

कन्या पूजन को नवरात्र में मातृशक्ति के प्रति श्रद्धा और सम्मान प्रकट करने का महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है।

विजयादशमी पर गुरु गोरखनाथ की विशेष पूजा

20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन गोरखनाथ मंदिर में महायोगी गुरु गोरखनाथ की विशेष पूजा-अर्चना होगी। इसके बाद गोरक्षपीठाधीश्वर का पारंपरिक तिलकोत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसमें वह श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देंगे।

इन कार्यक्रमों के बाद शाम को मंदिर परिसर से भव्य विजयादशमी शोभायात्रा निकाली जाएगी। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, तुरही, नगाड़ों और बैंड-बाजे के साथ निकलने वाली यह यात्रा गोरखपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का प्रमुख हिस्सा है।

सीएम योगी आदित्यनाथ इस ऐतिहासिक शोभायात्रा की अगुवाई करेंगे। यात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पूजा-अर्चना की जाएगी।

also read:- UPSSSC भर्ती 2026: 1,784 पदों पर आवेदन, 12वीं पास को मौका

मानसरोवर मंदिर में पूजा के बाद रामलीला मैदान पहुंचेंगे सीएम योगी

गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली शोभायात्रा सबसे पहले मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देवाधिदेव महादेव की पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद यात्रा मानसरोवर रामलीला मैदान की ओर रवाना होगी।

रामलीला मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री प्रभु श्रीराम का राजतिलक करेंगे। इस अवसर पर भगवान श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमान जी का पूजन कर आरती भी उतारी जाएगी।

विजयादशमी के अवसर पर आयोजित ये धार्मिक कार्यक्रम गोरक्षपीठ की वर्षों पुरानी परंपराओं को आगे बढ़ाते हैं और श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं।

विजयादशमी शोभायात्रा देती है सामाजिक समरसता का संदेश

गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाली विजयादशमी शोभायात्रा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का प्रतीक भी मानी जाती है। इसमें समाज के विभिन्न वर्गों के लोग भाग लेते हैं।

शोभायात्रा के स्वागत में मुस्लिम और बुनकर समुदाय के लोगों की भागीदारी भी देखने को मिलती है। उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के पूर्व अध्यक्ष चौधरी कैफुलवरा के अनुसार, उनका परिवार और समुदाय पिछले तीन पीढ़ियों से इस परंपरा का हिस्सा रहा है। वे मंदिर के मुख्य द्वार के पास फूल-मालाओं के साथ पहुंचकर गोरक्षपीठाधीश्वर का स्वागत करते हैं।

यह परंपरा गोरखपुर में धार्मिक आयोजनों के माध्यम से सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देती है।

मंदिर में होगा पारंपरिक भोज

विजयादशमी के दिन गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक भोज का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें जाति, धर्म और आर्थिक स्थिति के भेदभाव से परे विभिन्न वर्गों के लोग शामिल होंगे।

गोरक्षपीठ की धार्मिक परंपराओं के अंतर्गत आयोजित यह भोज सामाजिक एकता और सहभागिता का प्रतीक माना जाता है। मंदिर में तिलकोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देने के साथ दिनभर के धार्मिक कार्यक्रमों का समापन पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार होगा।

इस तरह गोरखनाथ मंदिर में महानिशा पूजा से लेकर कन्या पूजन और विजयादशमी शोभायात्रा तक कई महत्वपूर्ण आयोजन संपन्न होंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ की सहभागिता के साथ ये कार्यक्रम धार्मिक आस्था, लोककल्याण और सामाजिक समरसता के संदेश को आगे बढ़ाएंगे।

For English News: http://newz24india.in

Related Articles

Back to top button