ऐसा लग रहा है कि शायद चैतरभाई को नरेंद्र मोदी और अमित शाह की मॉनिटरिंग में सजा हुई हो: इसुदान गढ़वी
25 पेपर लीक हुए, कई भाजपा नेताओं ने अधिकारियों के साथ मारपीट की है, उन्हें सजा क्यों नहीं हुई?: इसुदान गढ़वी
लठ्ठा कांड, सूरत अग्निकांड, राजकोट गेमज़ोन कांड, वडोदरा हरणी बोट कांड और मोरबी ब्रिज दुर्घटना जैसी अनेक घटनाएं हुईं, लेकिन उनमें किसे सजा दी गई?: इसुदान गढ़वी
बचू खाबड़ का मंत्री पद छीन लिया गया, उनके बेटे पर FIR हुई, लेकिन बचू खाबड़ अभी तक बाहर क्यों हैं?: इसुदान गढ़वी
गुजरात और आदिवासी समाज की कोई आवाज न उठे, इसलिए हमें कुचलने का काम किया जा रहा है: इसुदान गढ़वी
प्रधानमंत्री मोदीजी ने महाराष्ट्र जाकर बयान दिया था कि “अजीत पवार ने करोड़ों का घोटाला किया है” और उसी अजीत पवार को आपने भाजपा में शामिल कर लिया: इसुदान गढ़वी
आप गुजरात के युवाओं या गुजरात की जनता के लिए नहीं, बल्कि अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए षड्यंत्र करते हैं: इसुदान गढ़वी
आगामी 24 तारीख को मैं स्वयं भी डेडियापाड़ा जाऊंगा, चैतरभाई के समर्थन में एक लाख आदिवासी समाज के लोगों के हस्ताक्षर कराने के अभियान को आगे बढ़ाएंगे: इसुदान गढ़वी
आज सरपंच से लेकर प्रधानमंत्री तक सभी हमारे खिलाफ हैं, पुलिस और बड़े अधिकारियों का हम सामना कर रहे हैं: इसुदान गढ़वी
अंबाजी से उमरगाम तक सभी आदिवासी युवा सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर चैतर वसावा के समर्थन में अपनी आवाज उठाएं: इसुदान गढ़वी
आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से गंभीर मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब जाकर गुजरात के आम आदमी पार्टी के विधायक चैतर वसावा के बारे में जो बयान दिया है, उससे आदिवासी समाज में रोष फैल गया है। आदिवासी समाज ने वर्षों तक भाजपा के स्थानीय नेताओं को देखकर नहीं, बल्कि नरेंद्रभाई मोदी को देखकर भाजपा को वोट दिया है। लेकिन उन्होंने कल कहा कि “आदिवासी युवा चैतर वसावा को रंगदारी और अधिकारियों को धमकाने के मामले में कोर्ट ने सजा दी है।” पहले ऐसा लगता था कि यह सजा भाजपा के स्थानीय नेताओं ने दिलवाई होगी, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि शायद नरेंद्र मोदी और अमित शाह की मॉनिटरिंग में यह सजा हुई हो। अब तक 25 पेपर लीक हुए, तो उनके आरोपियों को सजा क्यों नहीं हुई? कई भाजपा नेताओं ने अधिकारियों के साथ मारपीट की है, उन्हें सजा क्यों नहीं हुई? लठ्ठा कांड, सूरत अग्निकांड, राजकोट गेमज़ोन कांड, वडोदरा हरणी बोट कांड और मोरबी ब्रिज दुर्घटना जैसी अनेक घटनाएं हुईं, लेकिन उनमें किसे सजा दी गई? इससे स्पष्ट होता है कि आपको भ्रष्टाचार करने वालों को जेल में डालने में कोई रुचि नहीं है, बल्कि जो आदिवासी युवा आगे आता है, उसे जेल में डाल दिया जाता है। बचू खाबड़ का मंत्री पद छीन लिया गया, उनके बेटे पर एफआईआर हुई, लेकिन बचू खाबड़ अभी तक बाहर क्यों हैं?
आगे प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी, आप हमारे पिता समान हैं और आपका कर्तव्य था कि आप हमारी रक्षा करें, हमारी मदद करें। लेकिन आज आप हमें डराकर-धमकाकर, झूठे मुकदमे करवाकर जेल में डलवा रहे हैं। आज हम युवा एकजुट होकर आदिवासी समाज, दलित समाज, ओबीसी समाज, किसानों और जिन पर अत्याचार होता है उनके लिए लड़ते हैं, तो हमें चुप कराने के लिए इतने सारे षड्यंत्र किए जा रहे हैं। गुजरात और आदिवासी समाज की कोई आवाज न उठे, इसलिए हमें कुचलने का काम किया जा रहा है। क्या आप यह सब मॉनिटर कर रहे हैं? यह सवाल आदिवासी समाज पूछ रहा है। प्रधानमंत्री मोदीजी ने महाराष्ट्र जाकर बयान दिया था कि अजीत पवार ने करोड़ों का घोटाला किया है और उसी अजीत पवार को आपने भाजपा में शामिल कर लिया। इसके अलावा हेमंत बिस्वा और शुभेंदु अधिकारी को भी आपने अपनी पार्टी में शामिल कर लिया।
आगे प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने कहा कि क्या अब चैतर वसावा आदिवासी समाज के लोगों के लिए आवाज उठाना बंद कर दें? क्या हमारे पास कोई अधिकार नहीं है? क्या लोकतंत्र नहीं रहा? आप पिता समान हैं और यदि आपको हमें खत्म करने के लिए षड्यंत्र करने पड़ रहे हैं, तो हम किससे उम्मीद रखें? आप केवल भाजपा के प्रधानमंत्री नहीं हैं। आज आप पेपर लीक रोक नहीं सकते। इसका मतलब यह हुआ कि आप गुजरात के युवाओं या गुजरात की जनता के लिए नहीं, बल्कि अपनी सत्ता बनाए रखने के लिए षड्यंत्र करते हैं। आज आदिवासी समाज चैतरभाई वसावा के साथ है। इस मामले में आगामी 24 तारीख को मैं स्वयं भी डेडियापाड़ा जाऊंगा और वहां से चैतरभाई के समर्थन में एक लाख आदिवासी समाज के लोगों के हस्ताक्षर कराने के अभियान को आगे बढ़ाएंगे। चैतरभाई सही हैं या नहीं? क्या चैतरभाई ने आवाज उठाई, यह कोई अपराध है? क्या चैतरभाई आदिवासी समाज के लिए आवाज उठाना बंद कर दें? इन सभी मुद्दों को लेकर हम 24 तारीख को हस्ताक्षर अभियान चलाएंगे। और अब हम राष्ट्रपति को पत्र लिखेंगे क्योंकि अब हमें राष्ट्रपति पर विश्वास है।
आगे प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने कहा कि आज भाजपा की आईटी सेल हमें गालियां देती है। करोड़ों के घोटाले होते हैं, पेपर लीक होते हैं, किसानों को लूटा जाता है, यह सब बंद हो, इसी उद्देश्य से हम राजनीति में आए हैं, क्या यह हमारा अपराध है? यदि इस तरह तानाशाही चलेगी तो विपक्ष मुक्त भारत बन जाएगा। और जब भाजपा आईटी सेल के लोगों के बेटे-बेटियों के साथ कोई घटना होगी, तब उनके लिए आवाज उठाने वाला कोई नहीं होगा। आज सरपंच से लेकर प्रधानमंत्री तक सभी हमारे खिलाफ हैं, पुलिस और बड़े अधिकारियों का हम सामना कर रहे हैं, हमें कभी भी जेल में डाला जा सकता है। इसलिए मैं गुजरात की जनता से हाथ जोड़कर निवेदन करता हूं कि अब हम आपके भरोसे हैं। हमारा साथ इसलिए दीजिए क्योंकि हम आपके बच्चों के भविष्य के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं। आज गुजरात में बेलगाम गुंडागर्दी हो रही है, खुलेआम ड्रग्स बेचे जा रहे हैं, भ्रष्टाचार चरम पर है, अधिकारी जमीनों में हिस्सेदारी कर रहे हैं और जनता को बचाने वाला कोई नहीं है, इसलिए हमें राजनीति में आना पड़ा है। अंबाजी से उमरगाम तक बसे आदिवासी समाज से मैं कहना चाहता हूं कि हमारे बेटे को जेल में डाल दिया गया है, जैसे अंग्रेजों ने भगवान बिरसा मुंडा को जेल में डाला था, उसी तरह भाजपा ने चैतर वसावा को जेल में डाल दिया है। इसलिए अब आपको एकजुट होने की जरूरत है। अंबाजी से उमरगाम तक सभी आदिवासी युवा सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर चैतर वसावा के समर्थन में अपनी आवाज उठाएं। आने वाले समय में अंबाजी से उमरगाम तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, तब आप हजारों और लाखों की संख्या में उपस्थित रहकर भाजपा को दिखा दें कि उसके अत्याचार और अन्याय से हम डरने वाले नहीं हैं।
For English News: http://newz24india.in
Visit WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Vb4ZuKSLSmbVWNb1sx1x



