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UP STF: परीक्षा केंद्रों तक पहुंचा हाईटेक नकल गिरोह, पांच राज्यों में नेटवर्क का खुलासा

UP हाईटेक नकल गिरोह की जांच में परीक्षा केंद्रों तक नेटवर्क के तार जुड़े मिले। STF ने 92 मॉडिफाइड TFT स्क्रीन बरामद कर पांच राज्यों में जांच बढ़ाई।

UP हाईटेक नकल गिरोह: उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल कराने वाले एक संगठित नेटवर्क की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, इसके तार परीक्षा केंद्रों तक जुड़ते नजर आ रहे हैं। नोएडा एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि हाईटेक नकल गिरोह केवल अभ्यर्थियों को परीक्षा पास कराने के लिए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण उपलब्ध नहीं कराता था, बल्कि उसके सदस्यों को परीक्षा केंद्रों की तकनीकी व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की भी जानकारी थी।

एसटीएफ ने 31 जुलाई को आरोपी लोकेश को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसके नेटवर्क और काम करने के तरीके को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। लोकेश के पास से 92 मॉडिफाइड टीएफटी स्क्रीन बरामद की गईं। जांच के मुताबिक वह लंबे समय से ऐसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तैयार कर अलग-अलग राज्यों में सक्रिय नकल कराने वाले गिरोहों को उपलब्ध करा रहा था।

2017 से चल रहा था उपकरणों की सप्लाई का काम

एसटीएफ के अनुसार लोकेश वर्ष 2017 से मॉडिफाइड टीएफटी स्क्रीन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तैयार कर रहा था। जरूरत के मुताबिक इन उपकरणों को अलग-अलग हाईटेक नकल गिरोह तक पहुंचाया जाता था। जांच में अभी तक उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र तक नेटवर्क के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है।

एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि पिछले सात से आठ वर्षों के दौरान इन उपकरणों का इस्तेमाल कितनी परीक्षाओं में हुआ। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि किन-किन गिरोहों ने लोकेश से उपकरण लिए और उनका इस्तेमाल किन परीक्षा केंद्रों पर किया गया।

परीक्षा केंद्रों के कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में

जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू परीक्षा केंद्रों से जुड़े कर्मचारियों और तकनीकी स्टाफ की भूमिका है। एसटीएफ उन केंद्रों की जानकारी जुटा रही है जहां नकल या संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें सामने आई थीं।

जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन केंद्रों पर तैनात कर्मचारियों, तकनीकी कर्मियों या पूर्व कर्मचारियों का आरोपियों से कोई संपर्क था या नहीं। अगर किसी परीक्षा केंद्र से जुड़े व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो मामले में कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।

22 मई को सामने आया था ऑनलाइन नकल का मामला

नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित परीक्षा केंद्र में 22 मई 2026 को एसएससी की ऑनलाइन परीक्षा के दौरान हाईटेक तरीके से नकल कराने की कोशिश का खुलासा हुआ था। आरोपियों पर प्रॉक्सी सर्वर और सर्वर हैकिंग के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगा था।

इस मामले में शुरुआती कार्रवाई के दौरान सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। बाद में इंद्रजीत उर्फ योगी से पूछताछ के दौरान अलवर निवासी लोकेश का नाम सामने आया। इसके बाद एसटीएफ ने लोकेश को गिरफ्तार कर उससे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और पूरे नेटवर्क के संबंध में पूछताछ की।

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दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा भी जांच के घेरे में

पूछताछ में यह संकेत मिला है कि मॉडिफाइड टीएफटी स्क्रीन का इस्तेमाल केवल एसएससी परीक्षा तक सीमित नहीं था। अब दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा सहित दूसरी ऑनलाइन प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं में भी इन उपकरणों के संभावित इस्तेमाल की जांच की जा रही है।

एसटीएफ लोकेश की ओर से उपकरणों की सप्लाई की तारीखों का मिलान संबंधित राज्यों में आयोजित ऑनलाइन परीक्षाओं से कर रही है। जांच एजेंसी यह देख रही है कि कहीं उपकरणों की सप्लाई और किसी परीक्षा में नकल की शिकायत के बीच सीधा संबंध तो नहीं है।

छह से ज्यादा गिरोहों तक पहुंची जांच

अब तक की जांच में पांच राज्यों में छह से अधिक गिरोहों से नेटवर्क के जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। एसटीएफ यह पता लगा रही है कि 92 बरामद स्क्रीन के अलावा कितने अन्य उपकरण तैयार किए गए और उन्हें किन लोगों या गिरोहों को दिया गया।

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि हाईटेक नकल गिरोह ने किन परीक्षाओं को निशाना बनाया और इस नेटवर्क से कितने अभ्यर्थी जुड़े थे। अधिकारियों के मुताबिक पूरी तस्वीर सामने आने में अभी और जांच की जरूरत है।

एसटीएफ के सामने ये बड़े सवाल

  • 2017 से अब तक कितनी परीक्षाओं में इन उपकरणों का इस्तेमाल हुआ?
  • पांच राज्यों में सक्रिय गिरोहों तक इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन कैसे पहुंचीं?
  • क्या परीक्षा केंद्रों के अंदर भी नेटवर्क से जुड़े लोग मौजूद थे?
  • दिल्ली पुलिस भर्ती परीक्षा समेत कितनी परीक्षाएं जांच के दायरे में आएंगी?
  • 92 स्क्रीन के अलावा कितने उपकरण तैयार और सप्लाई किए गए?
  • परीक्षा केंद्रों के कर्मचारियों या तकनीकी स्टाफ की इसमें कोई भूमिका थी या नहीं?

एसटीएफ एसपी राजकुमार मिश्र के मुताबिक प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता प्रभावित करने वाले इस संगठित नेटवर्क की जांच जारी है। जांच में जिस भी व्यक्ति की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल हाईटेक नकल गिरोह से जुड़े नेटवर्क की जांच का दायरा बढ़कर पांच राज्यों और कई प्रतियोगी परीक्षाओं तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में उपकरणों की सप्लाई, परीक्षा केंद्रों और आरोपियों के संपर्कों से जुड़े और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

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