हरपाल सिंह चीमा ने RDF भुगतान, आंगनवाड़ी और मिड-डे मील वर्कर्स के मानदेय को लेकर केंद्र पर पंजाब के साथ भेदभाव का आरोप लगाया।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार पर राज्य के अधिकारों और वित्तीय हिस्सेदारी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र की नीतियों के कारण पंजाब को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और राज्य के हिस्से की राशि को रोककर दबाव बनाया जा रहा है।
चीमा ने विधानसभा में केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पंजाब अपने अधिकारों के लिए किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी से भी इन मुद्दों पर जवाब देने की मांग की।
RDF का भुगतान रोकने का मुद्दा उठाया
हरपाल सिंह चीमा ने पंजाब को मिलने वाले रूरल डेवलपमेंट फंड (RDF) की कथित तौर पर रोकी गई राशि का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से राज्य के फंड को रोकना पंजाब के हितों के खिलाफ है।
चीमा के मुताबिक, पंजाब अपने किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े विकास कार्यों के लिए इन फंडों का इस्तेमाल करता है। ऐसे में भुगतान में देरी का असर राज्य के विकास कार्यों पर पड़ सकता है।
also read:- बरिंदर गोयल ने विधानसभा में विपक्ष को घेरा, भाखड़ा से…
आंगनवाड़ी और मिड-डे मील वर्कर्स के मानदेय का मुद्दा
वित्त मंत्री ने आंगनवाड़ी और मिड-डे मील वर्कर्स के मानदेय का मुद्दा भी विधानसभा में उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कर्मचारियों के मेहनताने में करीब 15 वर्षों से पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं की गई है।
चीमा ने कहा कि इन कर्मचारियों की सेवाएं बच्चों और परिवारों से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं में अहम भूमिका निभाती हैं। इसलिए उनके मानदेय और वित्तीय स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
योजनाओं का ऐलान, लेकिन वित्तीय बोझ राज्यों पर: चीमा
हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार की योजनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की ओर से योजनाओं की घोषणा तो कर दी जाती है, लेकिन जब उनके लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की बात आती है तो राज्यों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया जाता है।
चीमा के अनुसार, केंद्र को योजनाओं की जिम्मेदारी के अनुरूप फंड भी उपलब्ध कराने चाहिए, ताकि राज्यों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव न बढ़े।
भाजपा से मांगा जवाब
चीमा ने पंजाब से जुड़े इन मुद्दों पर भाजपा नेताओं से केंद्र सरकार से जवाब मांगने को कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पंजाब के अधिकारों और फंड से जुड़े मुद्दे सामने हैं तो भाजपा को केंद्र के सामने राज्य का पक्ष रखना चाहिए।
वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पीछे नहीं हटेगी।
ਪੰਜਾਬ ਦੇ ਹੱਕਾਂ ‘ਤੇ ਡਾਕਾ ਪਾਉਣ ਦੀ ਕੇਂਦਰ ਦੀ ਨੀਤੀ ਨੂੰ ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਵਿੱਚ ਬੇਨਕਾਬ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਗਿਆ ਹੈ। RDF ਦੀ ਰੋਕੀ ਅਦਾਇਗੀ, ਆਂਗਣਵਾੜੀ ਅਤੇ ਮਿਡ-ਡੇਅ ਮੀਲ ਵਰਕਰਾਂ ਦੇ ਮਿਹਨਤਾਨੇ ਵਿੱਚ 15 ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ ਵਾਧਾ ਨਾ ਕਰਨ ਵਰਗੇ ਮੁੱਦਿਆਂ ‘ਤੇ ਭਾਜਪਾ ਤੋਂ ਜਵਾਬ ਮੰਗਿਆ ਗਿਆ ਹੈ।
ਕੇਂਦਰ ਸਰਕਾਰ ਸਿਰਫ਼ ਵਾਹ-ਵਾਹ ਖੱਟਣ ਲਈ ਯੋਜਨਾਵਾਂ ਦਾ ਐਲਾਨ… pic.twitter.com/wwjBX6oFic
— Adv Harpal Singh Cheema (@HarpalCheemaMLA) August 6, 2026
पंजाब के हक से समझौता नहीं: चीमा
हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि पंजाब अपने जायज अधिकारों और वित्तीय हिस्सेदारी को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने केंद्र से राज्य के लंबित फंड जारी करने और योजनाओं से जुड़े वित्तीय दायित्वों को उचित तरीके से पूरा करने की मांग की।
चीमा के बयान के बाद RDF, आंगनवाड़ी और मिड-डे मील वर्कर्स के मानदेय सहित केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों से जुड़े मुद्दे एक बार फिर पंजाब की राजनीति के केंद्र में आ गए हैं।
For English News: http://newz24india.in
Visit WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Vb4ZuKSLSmbVWNb1sx1x



