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हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला! कर्मचारियों को आरक्षण के आधार पर पदोन्नति पर लगाई रोक, जानिए पूरा मामला

हरियाणा सरकार ने SC कर्मचारियों की पदोन्नति में आरक्षण पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट में लंबित अपील के अंतिम फैसले तक आरक्षित पद खाली रहेंगे।

हरियाणा सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) कर्मचारियों की पदोन्नति में आरक्षण को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। सरकार ने समूह ‘क’ और समूह ‘ख’ के पदों पर आरक्षण के आधार पर होने वाली पदोन्नति पर फिलहाल रोक लगा दी है। मानव संसाधन विभाग की ओर से जारी ताजा निर्देशों के मुताबिक, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित अपील पर अंतिम फैसला आने तक 7 अक्टूबर 2023 के निर्देशों के तहत पदोन्नति में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाएगा।

हाईकोर्ट के फैसले के बाद बदली स्थिति

दरअसल, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 1 अप्रैल 2025 को अनुसूचित जाति कर्मचारियों को समूह ‘क’ और ‘ख’ के पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण देने से जुड़े सरकारी प्रावधान को बरकरार रखा था। हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि आरक्षण का लाभ ‘क्रीमी लेयर’ में आने वाले कर्मचारियों को नहीं दिया जाना चाहिए।

राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के इस निर्णय के खिलाफ अपील दायर की है। इस अपील पर अभी अंतिम निर्णय नहीं आया है। इसी कानूनी स्थिति को देखते हुए सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित पुराने निर्देशों के तहत आगे की कार्रवाई पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है।

आरक्षित पद फिलहाल खाली रखे जाएंगे

सरकार के नए निर्देशों में कहा गया है कि अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित पदों को फिलहाल खाली रखा जाएगा। इसका मतलब यह है कि इन पदों पर आरक्षण के आधार पर तत्काल पदोन्नति नहीं की जाएगी। यह व्यवस्था हाईकोर्ट में लंबित अपील पर अंतिम फैसला आने तक लागू रहेगी।

हालांकि, सरकार ने यह भी साफ किया है कि इससे उन कर्मचारियों की सामान्य पदोन्नति प्रभावित नहीं होगी, जो संबंधित सेवा नियमों के अनुसार ‘वरिष्ठता-सह-योग्यता’ के आधार पर पदोन्नति के पात्र हैं।

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20 प्रतिशत या उससे अधिक प्रतिनिधित्व होने पर क्या होगा?

नए आदेश में एक महत्वपूर्ण स्थिति को भी स्पष्ट किया गया है। यदि किसी कैडर में अनुसूचित जाति कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व पहले से ही 20 प्रतिशत या उससे अधिक है, तो पात्र कर्मचारियों को सामान्य नियमों के तहत पदोन्नति के लिए विचार किया जा सकता है।

यानी सरकार का ताजा फैसला सभी पदोन्नतियों पर रोक नहीं लगाता। रोक मुख्य रूप से उस पदोन्नति में आरक्षण व्यवस्था पर है, जिसके संबंध में हाईकोर्ट का अंतिम निर्णय अभी बाकी है।

कब तक लागू रहेगा आदेश?

मानव संसाधन विभाग के अनुसार, ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। अब समूह ‘क’ और समूह ‘ख’ में आरक्षण के आधार पर होने वाली पदोन्नति से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट में लंबित अपील के अंतिम फैसले का इंतजार किया जाएगा।

सरकार का यह कदम मौजूदा न्यायिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। अंतिम कानूनी स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पदोन्नति में आरक्षण को लेकर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

कर्मचारियों पर क्या पड़ेगा असर?

इस फैसले का सबसे सीधा असर उन मामलों पर पड़ेगा, जिनमें अनुसूचित जाति कर्मचारियों को समूह ‘क’ और ‘ख’ के पदों पर आरक्षण के आधार पर पदोन्नति मिलनी थी। ऐसे मामलों में संबंधित आरक्षित पद फिलहाल खाली रखे जाएंगे।

वहीं, सामान्य पदोन्नति के नियमों के तहत पात्र कर्मचारियों को इससे अलग रखा गया है। इसलिए प्रत्येक कर्मचारी के मामले में लागू सेवा नियम और संबंधित कैडर में प्रतिनिधित्व की स्थिति महत्वपूर्ण होगी।

कुल मिलाकर, हरियाणा सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण से जुड़े मामलों में फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का फैसला किया है। अब सभी की नजर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में लंबित अपील के अंतिम निर्णय पर है, जिसके बाद इस व्यवस्था को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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