हाथों की रेखा का हमारे जीवन में काफी प्रभाव पड़ता है ज्योतिषियों के मुताबिक हमारे आंखो की रेखाएं हमारे भाग्य को तय करती है। हस्तरेखा में केतु पर्वत काफी महत्व रखता है इस पर्वत पर ज्योतिषियों का भी काफी ध्यान रहता है कि तू पर्वत पर कुछ चेन्नई ऐसे होते हैं जिनका सबके लिए परिणाम अलग-अलग होता है हस्तरेखा विज्ञान के मुताबिक केतु पर्वत बचपन में शिक्षा और संतान सुख सहित कई अन्य संकेत भी हमें देता है यदि केतु पर्वत पर स्टार यानी नक्षत्र का चिन्ह है तो उसे अच्छा माना जाता है ऐसा माना जाता है कि ऐसे व्यक्ति की धर्म के प्रति काफी रूचि होती है ऐसे व्यक्तियों का धर्म शास्त्रों में विशेष रुझान देखने को मिलता है ऐसे व्यक्ति को यह चिन्ह विशेष ज्योतिषविद बनाता है और यह निशान व्यक्ति के जीवन में धन की भी कमी नहीं होने देता है ये अपनी एक विशेष कला के जरिए ही पैसा कमा लेते हैं हालांकि केतु पर्वत पर नक्षत्र का चिन्ह संतान का भी कष्ट देता है ऐसा माना जाता है कि ऐसे व्यक्तियों की संतान को समस्याएं होती हैं शुरुआत के 8 से 10 साल इनकी संतान को कुछ ना कुछ दिक्कतें बनी रहती हैं और जब यह समय कट जाता है तो उनकी दिक्कतें समाप्त हो जाती हैं।

हस्तरेखा विज्ञान के मुताबिक किसी व्यक्ति के केतु पर्वत पर क्रॉस का निशान बना हुआ है तो यह उसके लिए अच्छा नहीं माना गया है ऐसा माना जाता है कि इस तरह के लोगों का बचपन काफी कष्ट में गुजरता है परिवार में या पिता की खराब स्थिति के चलते इस तरह की व्यक्ति अपनी शिक्षा को पूरा नहीं कर पाते हैं यदि किसी व्यक्ति का माथा छोटा होता है और केतु पर्वत पर क्रॉस का निशान भी होता है तो ऐसे लोगों को वहां से सावधानी बरतने की जरूरत होती है कि तू पर्वत पर स्पष्ट और स्वतंत्र त्रिभुज अच्छा माना गया है ऐसा कहा जाता है कि इस तरह के लोगों को उच्च पद की प्राप्ति होती है तथा जीवन में धन की कोई कमी नहीं रहती यह लोग राजनीति में भी नाम कमाते हैं यदि केतु पर्वत पर दो त्रिभुज एक साथ मिल जाए तो इसे दुर्भाग्य का सूचक माना जाता है आर्थिक रूप से भी यह लोग परेशान रहते हैं यदि केतु पर्वत पर मौजूद त्रिभुज को कोई रेखा काट देती है तो ऐसे व्यक्ति धन तो खूब कमाते हैं लेकिन इनका खर्च भी उसी रफ्तार में हो जाता है