यमुना जल परियोजना पर हरियाणा और राजस्थान के बीच ऐतिहासिक समझौता, जुलाई-अक्टूबर में हथनीकुंड बैराज से पेयजल आपूर्ति की जाएगी।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने यमुना जल वितरण को लेकर एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते को दोनों राज्यों के बीच जल सहयोग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री सैनी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री C. R. Patil का इस पहल को आगे बढ़ाने के लिए आभार व्यक्त किया।
1994 समझौते के तहत यमुना जल आपूर्ति
इस नए समझौते के अनुसार वर्ष 1994 में हुए पुराने जल समझौते को आधार बनाते हुए जुलाई से अक्टूबर तक वर्षा के दौरान अतिरिक्त जल का उपयोग किया जाएगा। यह पानी हरियाणा स्थित हथनीकुंड बैराज से पाइपलाइन के माध्यम से राजस्थान को पेयजल के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार इस योजना का उद्देश्य दोनों राज्यों में जल संकट को कम करना और उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
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मानवता और सांस्कृतिक जिम्मेदारी पर जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस अवसर पर कहा कि जल केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि “हमारे बुजुर्गों और सनातन संस्कृति के अनुसार प्यासे को पानी उपलब्ध करवाना हम सब की साझा जिम्मेदारी है।”
उन्होंने इस परियोजना को दोनों राज्यों के बीच सहयोग और भाईचारे का प्रतीक बताया।
परियोजना का महत्व
यह समझौता न केवल जल प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि इससे राजस्थान के कई क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को मजबूती मिलने की उम्मीद है। वहीं हरियाणा में वर्षा जल के बेहतर उपयोग और वितरण की व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाएगा।
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