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राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खरगे का किरेन रिजिजू को चैलेंज, बोले- ‘क्या आपमें स्वतंत्र फैसला लेने की हिम्मत है?’

मल्लिकार्जुन खरगे ने PM मोदी और अमित शाह से संसद में चर्चा की मांग की और किरेन रिजिजू पर स्वतंत्र फैसला लेने को लेकर सवाल उठाया।

संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष ने केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध और तेज कर दिया है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर बयान देने और विपक्ष के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने की मांग की।

मल्लिकार्जुन खरगे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पर भी निशाना साधते हुए सवाल किया कि क्या वह प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के निर्देशों से अलग स्वतंत्र रूप से कोई फैसला लेने की हिम्मत रखते हैं।

पीएम मोदी और अमित शाह से सदन में आने की मांग

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन उनके मुताबिक सरकार चर्चा से बच रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से सदन में उपस्थित होकर बयान देने और विपक्ष के सवालों का जवाब देने की मांग की।

खरगे ने कहा कि संसद में चर्चा के जरिए ही किसी मुद्दे का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि सरकार विपक्ष के साथ चर्चा नहीं करेगी तो संसद की भूमिका कैसे प्रभावी रहेगी।

किरेन रिजिजू पर खरगे का सीधा हमला

मल्लिकार्जुन खरगे ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को निशाने पर लेते हुए उनके कामकाज और निर्णय लेने की स्वतंत्रता पर सवाल उठाया।

उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या रिजिजू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की राय से अलग स्वतंत्र फैसला लेने की हिम्मत है।

खरगे की इस टिप्पणी के बाद संसद में सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिले हैं।

राम मंदिर ट्रस्ट और चंदे को लेकर भी सवाल

मल्लिकार्जुन खरगे ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े मुद्दे पर भी अपनी पार्टी का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भगवान राम के खिलाफ नहीं है, बल्कि राम मंदिर के नाम पर जुटाए गए चंदे और ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल पूछ रही है।

मल्लिकार्जुन खरगे ने कथित तौर पर जुटाए गए सोने, चांदी और अन्य चढ़ावे के इस्तेमाल के बारे में जानकारी मांगी। उन्होंने ट्रस्ट की जमीन से जुड़े कथित मामलों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल पूछना राम विरोधी या देश विरोधी होना नहीं है।

हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है।

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संसद परिसर में अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन

मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर स्थित प्रेरणा स्थल पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। विपक्षी सांसदों ने विभिन्न मुद्दों पर जवाबदेही तय करने और सदन में चर्चा की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार से कथित घटनाओं को लेकर जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई।

प्रियंका गांधी ने सरकार की जवाबदेही पर उठाया सवाल

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शन के दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार की जवाबदेही पर जोर दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन, आंसू गैस या लाठीचार्ज का इस्तेमाल हुआ, तो इसके लिए आदेश देने वाले की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकतंत्र में सत्ता में बैठे लोगों को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और गृह मंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की।

मोहम्मद जावेद ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की बात कही

कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने कहा कि विपक्ष का आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने कथित हिंसा, पैलेट गन के इस्तेमाल, चोटों और लाठीचार्ज से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि विपक्ष इन मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा और संबंधित घटनाओं के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग करेगा।

संसद में बढ़ सकता है सत्ता-विपक्ष का टकराव

मानसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर राजनीतिक मतभेद सामने आ रहे हैं। मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से सदन में बयान देने की मांग तथा किरेन रिजिजू पर उनका सीधा हमला विपक्ष की रणनीति को दर्शाता है।

वहीं, संसद परिसर में कांग्रेस के प्रदर्शन से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में भी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी रह सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इन मुद्दों पर सदन में सरकार और विपक्ष के बीच औपचारिक चर्चा किस तरह आगे बढ़ती है।

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