पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खटकड़ कलां में शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की और युवाओं से उनके विचारों से प्रेरित होने का आग्रह किया।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शहीद भगत सिंह के पैतृक गांव खटकड़ कलां में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने देश के वीर शहीदों की कुर्बानी को याद रखने और उनके आदर्शों को युवा पीढ़ी में जीवित रखने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भगत सिंह की असाधारण वीरता को उजागर करते हुए कहा कि आज के बच्चे जब माता-पिता से मोटरसाइकिल मांगते हैं, उसी उम्र में भगत सिंह केवल स्वतंत्रता की मांग कर रहे थे। 18–19 वर्ष की आयु में ही उन्होंने देश के लिए अपने विचारों और संघर्ष को समर्पित कर दिया और 23 वर्ष की उम्र में शहादत प्राप्त कर इतिहास में अमर हो गए।
ਮੇਰੀ ਮੌਤ ‘ਤੇ ਨਾ ਰੋਇਓ, ਮੇਰੀ ਸੋਚ ਨੂੰ ਬਚਾਇਓ – ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ
ਸਿਰਫ਼ 18-19 ਸਾਲ ਦੀ ਉਮਰ ‘ਚ ਸ਼ਹੀਦ ਭਗਤ ਸਿੰਘ ਦੇ ਅੰਦਰ ਠਾਠਾਂ ਮਾਰਦਾ ਦੇਸ਼ਭਗਤੀ ਦਾ ਜਜ਼ਬਾ ਅਤੇ ਸਿਰਫ਼ 23 ਸਾਲ ਦੀ ਉਮਰ ‘ਚ ਉਹਨਾਂ ਵੱਲੋਂ ਦਿੱਤੀ ਸ਼ਹਾਦਤ, ਦੋਵਾਂ ਦੀ ਕਿਤੇ ਕੋਈ ਮਿਸਾਲ ਨਹੀਂ ਮਿਲਦੀ। ਉਹਨਾਂ ਦੀ ਜੀਵਨੀ ਅਤੇ ਵਿਚਾਰਧਾਰਾ ਸਾਨੂੰ ਸਭ ਨੂੰ ਖ਼ੁਦ ਵੀ… pic.twitter.com/xTYlvrJRb0
— AAP Punjab (@AAPPunjab) March 23, 2026
भगत सिंह के प्रसिद्ध शब्दों “मेरी मौत पर मत रोओ, मेरे विचारों को बचाओ” को उद्धृत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सभी से उनके जीवन और विचारधारा को पढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने परिवारों से अपील की कि बच्चों को भगत सिंह की प्रेरक कहानी से जोड़ें, ताकि उनकी भावना आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचती रहे।
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मुख्यमंत्री भगवंत मान ने “इंकलाब जिंदाबाद” के क्रांतिकारी संदेश को भी जीवित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि भगत सिंह का साहस, देशभक्ति और निस्वार्थ सेवा का आदर्श आज भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना स्वतंत्रता संग्राम के समय था।
खटकड़ कलां में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल शहीदों की कुर्बानी को याद करने का अवसर था, बल्कि युवाओं और नागरिकों को उनके मूल्यों को अपनाकर एक जिम्मेदार, एकजुट और प्रगतिशील समाज बनाने की प्रेरणा भी प्रदान करता है।
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