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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बाजे भगत जयंती पर दी श्रद्धांजलि, लोक संस्कृति में उनके योगदान को किया नमन

सीएम बोले- बाजे भगत की रागनियां और लोककाव्य आज भी समाज को सत्य, नैतिकता, समानता और सामाजिक जागरूकता का संदेश दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बाजे भगत जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके लोककाव्य, रागनी और सांग परंपरा में योगदान को याद किया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के प्रसिद्ध लोक कवि, रागनी लेखक और सांग परंपरा के महान कलाकार बाजे भगत की जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर सम्मानपूर्वक नमन किया और हरियाणा की लोक संस्कृति में उनके अमूल्य योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बाजे भगत ने अपनी रागनियों, लोककाव्य और सांग कला के माध्यम से समाज को सत्य, नैतिकता, समानता और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। उनकी रचनाओं ने न केवल हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया, बल्कि लोगों को सामाजिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं के प्रति भी जागरूक किया।

उन्होंने कहा कि बाजे भगत की साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी उनके समय में थी। उनकी रचनाएं नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक कलाकारों और साहित्यकारों का योगदान किसी भी समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे हरियाणा की समृद्ध लोक परंपराओं, रागनी और सांग जैसी लोककलाओं को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और लोक कलाकारों के सम्मान के लिए निरंतर प्रयासरत है।

बाजे भगत को हरियाणा की लोक संस्कृति का एक सशक्त स्तंभ माना जाता है। उनकी रचनाओं में सामाजिक सरोकार, नैतिक शिक्षा और जनजागरण का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यही कारण है कि उनकी रागनियां आज भी प्रदेश के सांस्कृतिक आयोजनों और लोक मंचों पर पूरे सम्मान के साथ प्रस्तुत की जाती हैं।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि बाजे भगत के विचार और उनकी लोक साहित्य की विरासत आने वाली पीढ़ियों को भी समाजहित, संस्कृति और मानवीय मूल्यों की दिशा में प्रेरित करती रहेगी।

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