परविंदर सिंह झोटा केस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान, कहा- परिवार की सभी जायज मांगें मानीं, पोस्टमार्टम पर फैसला परिवार करेगा।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोमवार को परविंदर सिंह झोटा केस को लेकर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने दिवंगत सामाजिक कार्यकर्ता के परिवार की सभी जायज मांगों को स्वीकार कर लिया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब शव का पोस्टमार्टम कराया जाए या नहीं, इसका फैसला पूरी तरह परिवार पर निर्भर है।
पटियाला में एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से बातचीत करते हुए भगवंत मान ने कहा कि सरकार ने अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभाई है। परविंदर सिंह झोटा केस को लेकर मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद पोस्टमार्टम के फैसले की जिम्मेदारी परिवार पर होने की बात सामने आई है।
परविंदर सिंह झोटा केस में परिवार की मांगों पर क्या बोले CM मान?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार ने परिवार की जायज मांगों को मान लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोस्टमार्टम कराने का निर्णय अब शोक संतप्त परिवार को लेना है। सरकार की ओर से अपनी जिम्मेदारियां निभाने की बात कहते हुए उन्होंने मामले में परिवार के फैसले को अहम बताया।
परविंदर सिंह झोटा केस को लेकर मुख्यमंत्री का बयान ऐसे समय आया है, जब इस मामले में परिवार की मांगें और आगे की प्रक्रिया चर्चा में हैं।
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केंद्र सरकार पर पंजाब के अधिकारों को लेकर निशाना
बातचीत के दौरान भगवंत मान ने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र लगातार पंजाब के हितों को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े मामलों में पंजाब के अधिकारों को सीमित करने और अंतरराज्यीय जल प्रबंधन बोर्डों में राज्य की हिस्सेदारी तथा प्रतिनिधित्व घटाने के प्रयास किए हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब के विकास के लिए मिलने वाली जायज धनराशि रोकी जा रही है, जिससे राज्य की विकास योजनाओं पर असर पड़ता है। हालांकि, ये मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए आरोप हैं।
भगवंत मान ने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद उनकी सरकार पंजाब को आर्थिक रूप से मजबूत, समृद्ध और विकसित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
नशे के मुद्दे पर विपक्षी दलों को घेरा
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों के राजनीतिक रुख पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ मार्च निकालने वाले कुछ विपक्षी दल दूसरी ओर ऐसे नेताओं के साथ राजनीतिक मंच साझा करने की तैयारी कर रहे हैं, जिन पर गंभीर आरोप लगे हैं।
भगवंत मान ने कहा कि नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात करना और राजनीतिक फायदे के लिए अलग तरह के गठबंधन की दिशा में बढ़ना विरोधाभासी है। उनके अनुसार, जनता ऐसे राजनीतिक रुख को समझती है और उचित समय पर अपना जवाब देगी।
पंजाब की राजनीति में तीन मुद्दों पर CM मान का बयान
मुख्यमंत्री भगवंत मान की टिप्पणी में तीन प्रमुख मुद्दे शामिल रहे—परविंदर सिंह झोटा केस, केंद्र और पंजाब के बीच अधिकारों तथा फंड को लेकर विवाद, और नशे के खिलाफ अभियान पर विपक्ष की भूमिका।
परविंदर सिंह झोटा केस पर सरकार की ओर से परिवार की जायज मांगें स्वीकार किए जाने की बात कहते हुए मान ने पोस्टमार्टम के फैसले को परिवार पर छोड़ा। वहीं, केंद्र सरकार पर आरोप लगाकर उन्होंने पंजाब के अधिकारों और विकास निधि का मुद्दा उठाया। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने नशे के खिलाफ उसकी राजनीतिक प्रतिबद्धता पर भी सवाल खड़े किए।
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