राज्यउत्तराखण्ड

राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे पर सीएम धामी का तीखा वार, ‘सैनिकों के जख्म कुरेदने आ रहे हैं’

राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे पर सीएम पुष्कर सिंह धामी का तीखा बयान, सैनिकों के सम्मान और राजनीतिक माहौल को लेकर उठाए सवाल।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उत्तराखंड दौरे से पहले राज्य की सियासत गरमा गई है। मुख्यमंत्रीपुष्कर सिंह धामी
ने राहुल गांधी के दौरे पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर सैनिकों के सम्मान और भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया है।

सीएम धामी का बड़ा बयान

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राहुल गांधी उत्तराखंड में “सैनिकों के जख्म कुरेदने” आ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन पर पहले भी सेना और पूर्व सैनिकों के अपमान के आरोप लगते रहे हैं, वे अब पूर्व सैनिकों से किस तरह संवाद करेंगे।

धामी ने कहा कि देश के वीर सपूतों और सेना के शौर्य पर सवाल उठाना बेहद गंभीर विषय है और इसे राज्य की जनता स्वीकार नहीं करेगी।

also read:- सीएम पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘सौर जागरूकता स्मारिका’ का…

सेना और पूर्व सैनिकों को लेकर बयानबाजी तेज

सीएम धामी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने कई मौकों पर सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक और अन्य सैन्य अभियानों को लेकर की गई टिप्पणियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे सैनिकों और उनके परिवारों की भावनाएं आहत हुई हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखंड जैसे सैन्य बाहुल्य राज्य में इस तरह के बयान विशेष रूप से संवेदनशील माने जाते हैं।

पूर्व सैनिकों और योजनाओं का जिक्र

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की पूर्व सैनिकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वन रैंक वन पेंशन (OROP) जैसी व्यवस्था केवल वर्तमान सरकार में लागू हुई है।

उन्होंने दावा किया कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चला रही हैं।

‘देवभूमि में माहौल खराब करने का प्रयास’ का आरोप

सीएम धामी ने आगे कहा कि कुछ राजनीतिक यात्राओं के जरिए राज्य के शांत वातावरण को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियां “देवभूमि” में सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं।

हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि जनता अब ऐसे बयानों और राजनीति को भली-भांति समझती है।

For English News: http://newz24india.in

Related Articles

Back to top button