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सौरभ भारद्वाज ने उठाए सवाल, कोर्ट में ‘बब्बू’ को जानने से किया इनकार, फेसबुक पर बताया था पुराना दोस्त

सौरभ भारद्वाज ने प्रवेश वर्मा के कोर्ट बयान पर सवाल उठाए और अमरजीत सिंह बब्बू से जुड़े पुराने सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया।

दिल्ली की राजनीति में आम आदमी पार्टी (AAP) और बीजेपी के बीच एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ गंभीर सवाल उठाए हैं। मामला प्रवेश वर्मा की ओर से दायर मानहानि केस से जुड़ा है, जिसमें अमरजीत सिंह ‘बब्बू’ के साथ उनके कथित संबंधों को लेकर विवाद सामने आया है।

सौरभ भारद्वाज का दावा है कि प्रवेश वर्मा ने अदालत में अमरजीत सिंह बब्बू को जानने या उनसे किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया। इसके विपरीत, भारद्वाज ने प्रवेश वर्मा के सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देते हुए कहा कि इनमें बब्बू को पुराने परिचित और बड़े भाई के तौर पर संबोधित किया गया था।

5 करोड़ रुपये की मानहानि याचिका का मामला

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सौरभ भारद्वाज ने बताया कि प्रवेश वर्मा ने उनके खिलाफ आपराधिक मामला और करीब 5 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति वाला सिविल केस दायर किया है।

भारद्वाज के मुताबिक, विवाद एक फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ था। यह पोस्ट अमरजीत सिंह ‘बब्बू’ से जुड़ी थी। इसमें कथित तौर पर बब्बू ने एसएस मोता सिंह स्कूल चैरिटेबल ट्रस्ट का ट्रस्टी बनाए जाने पर प्रवेश वर्मा का धन्यवाद किया था।

AAP नेता ने इसी पोस्ट को लेकर सवाल उठाए थे कि बब्बू ने प्रवेश वर्मा को धन्यवाद क्यों दिया और स्कूल ट्रस्ट से मंत्री का क्या संबंध है।

ट्रस्ट की फाइल को लेकर भी सवाल

सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि एसएस मोता सिंह स्कूल चैरिटेबल ट्रस्ट की संपत्तियों को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट की संपत्तियों की कीमत करीब 500 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

उन्होंने दिल्ली सरकार और संबंधित अधिकारियों से ट्रस्ट से जुड़ी फाइल सार्वजनिक करने की मांग का भी जिक्र किया। भारद्वाज के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय की ओर से कथित तौर पर कहा गया कि संबंधित फाइल नहीं मिल रही है।

AAP नेता ने यह सवाल भी उठाया कि अगर बब्बू का फेसबुक पोस्ट बाद में हटाया गया, तो ऐसा क्यों किया गया।

फेसबुक पोस्ट का दिया हवाला

अपने आरोपों के समर्थन में सौरभ भारद्वाज ने प्रवेश वर्मा के फेसबुक अकाउंट पर मौजूद पुराने पोस्ट का हवाला दिया।

उन्होंने कहा कि 25 नवंबर 2023 की एक पोस्ट में प्रवेश वर्मा को अमरजीत सिंह बब्बू की पोती के जन्मदिन समारोह में शामिल होते हुए दिखाया गया था। भारद्वाज के अनुसार, पोस्ट में बब्बू को ‘भाई’ कहकर संबोधित किया गया था और परिवार के साथ जन्मदिन समारोह में शामिल होने की बात लिखी गई थी।

भारद्वाज ने कहा कि इसी तरह 2 अक्टूबर 2022 की एक फेसबुक पोस्ट में प्रवेश वर्मा ने बब्बू को जन्मदिन की बधाई देते हुए उन्हें ऐसा व्यक्ति बताया था, जिन्हें वह कॉलेज के समय से जानते हैं।

2018 के मेडिकल कैंप का भी जिक्र

AAP नेता ने 30 मार्च 2018 के एक X पोस्ट का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, उस पोस्ट में प्रवेश वर्मा ने अमरजीत सिंह बब्बू समेत कुछ लोगों को मेडिकल कैंप आयोजित करने के लिए धन्यवाद दिया था।

भारद्वाज ने दावा किया कि कार्यक्रम से संबंधित तस्वीरों में प्रवेश वर्मा और बब्बू एक साथ नजर आ रहे थे। इसी आधार पर उन्होंने अदालत में दिए गए कथित बयान पर सवाल खड़े किए।

हालांकि, ये सभी दावे सौरभ भारद्वाज द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके द्वारा पेश किए गए कथित सोशल मीडिया रिकॉर्ड पर आधारित हैं। मामले में अदालत का अंतिम निष्कर्ष अलग विषय है।

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सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट न करने का निर्देश

सौरभ भारद्वाज ने बताया कि उनके वकील राजत भारद्वाज ने अदालत में एक आवेदन दाखिल कर सोशल मीडिया पर मौजूद तस्वीरों और वीडियो को सुरक्षित रखने की मांग की।

AAP नेता के अनुसार, आवेदन में यह भी अनुरोध किया गया था कि संबंधित फेसबुक और X पोस्ट को हटाए जाने की स्थिति में Meta और X से उनके रिकॉर्ड, मेटाडेटा और सर्वर लॉग सुरक्षित रखने को कहा जाए।

भारद्वाज ने दावा किया कि विरोधी पक्ष के वकील ने आवेदन पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद अदालत ने प्रवेश वर्मा और उनके सहयोगियों को संबंधित पोस्ट हटाने से रोकने का आदेश दिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से भी सामग्री संरक्षित रखने को कहा।

कोर्ट में दिए बयान पर भारद्वाज का हमला

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि एक तरफ सोशल मीडिया पर प्रवेश वर्मा और बब्बू के बीच पुरानी जान-पहचान और पारिवारिक कार्यक्रमों में मौजूदगी के पोस्ट दिखाई देते हैं, जबकि दूसरी तरफ अदालत में उनके संबंध से इनकार किए जाने का दावा किया जा रहा है।

उन्होंने प्रवेश वर्मा से पूछा कि अगर बब्बू से उनका कोई संबंध नहीं था, तो पुराने सोशल मीडिया पोस्ट में उन्हें भाई और पुराने परिचित के तौर पर क्यों संबोधित किया गया।

राजनीतिक विवाद और बढ़ा

इस पूरे मामले ने दिल्ली की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। AAP नेता ने बीजेपी और दिल्ली सरकार के नेताओं पर भी सवाल उठाए और ट्रस्ट से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग दोहराई।

वहीं, मानहानि मामले में अदालत की कार्यवाही आगे बढ़ने के साथ सोशल मीडिया पोस्ट, तस्वीरों और अन्य दस्तावेजों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पूरे मामले में राजनीतिक आरोपों के बजाय उपलब्ध रिकॉर्ड और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तथ्यों को सामने आना चाहिए। अब इस मामले में आगे होने वाली सुनवाई पर सभी की नजर रहेगी।

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