पंजाब सरकार ने स्वच्छ पंजाब मिशन शुरू किया, जिसके तहत मंत्री और अधिकारी रोज़ फील्ड में जाकर शहरी स्वच्छता की निगरानी करेंगे और शहरों की रैंकिंग होगी।
पंजाब सरकार ने राज्य में शहरी स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए “स्वच्छ पंजाब मिशन” (Mission Clean Punjab) की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत अब मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन कम से कम एक घंटा जमीनी स्तर पर जाकर स्वच्छता कार्यों की निगरानी करेंगे।
इस पहल की घोषणा पंजाब के स्थानीय सरकार मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने की। उन्होंने कहा कि पूरे अभियान की निगरानी के लिए विभाग मुख्यालय में एक विशेष वॉर रूम स्थापित किया गया है, जहां से पूरे राज्य की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
अधिकारियों की फील्ड ड्यूटी अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत नगर आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) और कार्यकारी अधिकारी (EO) को नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण करना अनिवार्य किया गया है। सरकार ने साफ किया है कि अब केवल दफ्तर में बैठकर काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर मौजूद रहना जरूरी होगा।
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਨੇ ਸ਼ੁਰੂ ਕੀਤਾ ‘ਮਿਸ਼ਨ ਕਲੀਨ ਪੰਜਾਬ’ !
ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @harjotbains ਨੇ ਦਿੱਤੀ ਜਾਣਕਾਰੀ
👉 ਸ਼ਹਿਰਾਂ ਅਤੇ ਕਸਬਿਆਂ ਦੀ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ਸਫ਼ਾਈ
👉 ਰੋਜ਼ਾਨਾ ਸਵੇਰੇ 7 ਤੋਂ 8 ਵਜੇ ਸਫ਼ਾਈ ਵਰਕਰ ਤੇ ਸੀਨੀਅਰ ਅਧਿਕਾਰੀ ਹੋਣਗੇ ਆਨ ਫੀਲਡ
👉 ਅਧਿਕਾਰੀ ਵੀਡੀਓ ਕਾਲ ਰਾਹੀਂ ਵੀ ਲੈਣਗੇ ਸਫ਼ਾਈ ਵਿਵਸਥਾ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ pic.twitter.com/PJ7Et3btwm— AAP Punjab (@AAPPunjab) June 8, 2026
हर हफ्ते शहरों की रैंकिंग होगी
स्वच्छता प्रदर्शन के आधार पर हर शहर की साप्ताहिक रैंकिंग तैयार की जाएगी। इससे शहरों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और स्वच्छता मानकों में सुधार आने की उम्मीद है।
लाइव मॉनिटरिंग और सख्त जांच व्यवस्था
मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों की उपस्थिति की समीक्षा की। इस दौरान कई अधिकारियों से लाइव लोकेशन भी साझा करने को कहा गया।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि वे रोजाना सुबह 7 बजे से 8 बजे के बीच अधिकारियों की फील्ड उपस्थिति की व्यक्तिगत रूप से जांच करेंगे। साथ ही वरिष्ठ अधिकारी अचानक निरीक्षण कर व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
लुधियाना में पायलट मॉडल लागू
लुधियाना नगर निगम ने इस स्वच्छ पंजाब मिशन के तहत शहर को 10-10 किलोमीटर के जोन में बांट दिया है। प्रत्येक जोन के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जो सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेगा।
नगरपालिका आयुक्त डॉ. नीरू कात्याल गुप्ता ने बताया कि अधिकारी अपने क्षेत्रों में सड़क किनारे कचरा हटाने, सीवर ब्लॉकेज ठीक करने और खाली प्लॉट्स की सफाई सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होंगे।
समन्वय और निगरानी के लिए नई व्यवस्था
पूरे अभियान की निगरानी के लिए विनीत कुमार को ओवरऑल इंचार्ज बनाया गया है, जबकि जोनल कमिश्नरों को अपने-अपने क्षेत्रों में सख्त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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