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सीएम योगी का बड़ा निर्देश: “यूपी स्टार्टअप नीति 2026” से बनेगा रोजगार सृजन का नया मॉडल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने युवाओं को नौकरी मांगने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बनाने पर दिया जोर

यूपी स्टार्टअप नीति 2026 से युवाओं को नौकरी देने वाला बनाने की योजना, सीएम योगी ने नवाचार, निवेश और तकनीक पर जोर दिया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए “यूपी स्टार्टअप नीति 2026” तैयार करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई नीति का मुख्य उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजन करने वाला उद्यमी बनाना होना चाहिए।

उन्होंने समीक्षा बैठक में कहा कि “यूपी स्टार्टअप नीति 2026” को इस तरह तैयार किया जाए कि यह नवाचार, निवेश, अनुसंधान और उद्यमिता को मजबूत आधार प्रदान करे और प्रदेश में एक सशक्त स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित हो सके।

“यूपी स्टार्टअप नीति 2026” में होंगे कई बड़े सुधार

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यूपी स्टार्टअप नीति 2026 में स्टार्टअप्स को प्रारंभिक चरण से लेकर वैश्विक विस्तार तक हर स्तर पर सहयोग मिलना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि नीति में निम्नलिखित प्रावधानों को और प्रभावी बनाया जाए:-

  • स्टार्टअप्स के लिए भरण-पोषण भत्ता
  • प्रोटोटाइप विकास हेतु अनुदान
  • सीड कैपिटल सहायता
  • पेटेंट और गुणवत्ता प्रमाणन प्रोत्साहन

इन सभी उपायों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यूपी स्टार्टअप नीति 2026 स्टार्टअप्स के लिए वास्तविक रूप से सहायक और परिणामकारी साबित हो।

महिला और वंचित वर्गों को मिलेगा विशेष लाभ

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी स्टार्टअप नीति 2026 में सामाजिक समावेशन पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके तहत महिला उद्यमियों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, दिव्यांगजन, ट्रांसजेंडर समुदाय और पूर्वांचल एवं बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों के स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य है कि यूपी स्टार्टअप नीति 2026 केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, बल्कि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में भी उद्यमिता को बढ़ावा दे।

निवेश, मेंटरशिप और ग्लोबल मार्केट तक पहुंच पर फोकस

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप्स को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि मजबूत नेटवर्क भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि यूपी स्टार्टअप नीति 2026 के तहत:-

  • स्टार्टअप्स को एक्सेलेरेटर कार्यक्रमों से जोड़ा जाए
  • निवेशकों और उद्योग जगत से कनेक्ट किया जाए
  • तकनीकी सहयोग और मेंटरशिप उपलब्ध कराई जाए
  • वैश्विक बाजारों तक पहुंच आसान बनाई जाए

इससे यूपी स्टार्टअप नीति 2026 प्रदेश के स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगी।

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डीपटेक और उभरती तकनीकों पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, क्वांटम टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस और हेल्थटेक जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश को अग्रणी भूमिका निभानी होगी।

उन्होंने कहा कि यूपी स्टार्टअप नीति 2026 में डीपटेक स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए और अनुसंधान आधारित नवाचार को मजबूत किया जाना चाहिए।

विश्वविद्यालय और उद्योग के बीच मजबूत कड़ी बनाने की योजना

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों, अनुसंधान केंद्रों और उद्योग जगत के बीच मजबूत समन्वय स्थापित किया जाए। इससे नवाचार प्रयोगशालाओं से निकलकर सीधे बाजार तक पहुंच सकेगा।

लखनऊ और नोएडा में प्रस्तावित यू-हब को यूपी स्टार्टअप नीति 2026 के तहत डीपटेक नवाचार के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना है।

यूपी को स्टार्टअप हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम

अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने स्टार्टअप इकोसिस्टम में उल्लेखनीय प्रगति की है। अब सरकार का लक्ष्य है कि यूपी स्टार्टअप नीति 2026 के माध्यम से प्रदेश को भारत का सबसे मजबूत स्टार्टअप हब बनाया जाए।

इस नीति से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।

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