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बांसवाड़ा में सीएम भजनलाल शर्मा का ऑन-द-स्पॉट एक्शन: गांव भ्रमण के दौरान शिकायत मिलते ही CMHO को किया APO, कई विकास कार्यों की भी सौगात

ग्राम चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, गंभीर शिकायत पर तुरंत कार्रवाई, महिला की गुहार पर भावुक होकर दिया तबादले का आदेश

बांसवाड़ा में ग्राम चौपाल के दौरान CM भजनलाल शर्मा ने शिकायत मिलते ही CMHO को APO किया और कई विकास कार्यों को मंजूरी दी। पढ़ें पूरी खबर।

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के सुदूर आदिवासी क्षेत्र चुड़ादा गांव में उस समय अनोखा दृश्य देखने को मिला जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सुबह-सुबह गांव की गलियों में पैदल भ्रमण के लिए निकल पड़े। ग्राम विकास चौपाल और रात्रि विश्राम के बाद मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं को करीब से समझा।

इस दौरान ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के सामने स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी गंभीर शिकायतें रखीं। कुशलगढ़ के खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी (BCMO) डॉ. गिरिश भाभोर पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मामले को तुरंत गंभीरता से लिया। मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश देते हुए संबंधित अधिकारी को तत्काल APO कर दिया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने साफ संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

गांव भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय के “अंत्योदय” के सिद्धांत पर काम कर रही है, जिसका उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता गांव, गरीब और किसान हैं।

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इसी चौपाल के दौरान एक भावुक घटना भी सामने आई जब रोशनी कलाल नाम की महिला ने अपने बेटे की गंभीर बीमारी ‘सेरेब्रल पाल्सी’ का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री से मुलाकात की। महिला ने अपने पति, जो PHED में सहायक अभियंता हैं, का सागवाड़ा से बांसवाड़ा स्थानांतरण कराने की अपील की ताकि बच्चे की देखभाल बेहतर तरीके से हो सके। मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए तुरंत अधिकारियों को निर्देश दिए और कुछ ही समय में स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए गए।

ग्रामीणों की मांगों पर त्वरित निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री ने कई विकास परियोजनाओं को भी मंजूरी दी। ठुम्मठ गांव में मां बाड़ी केंद्र के निर्माण के लिए 16.20 लाख रुपये, ठुम्मठ चौराहे पर सिंगल फेज ट्यूबवेल के लिए 20 लाख रुपये और चुड़ादा गांव स्थित मामा बालेश्वर दयाल मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए 7 लाख रुपये स्वीकृत किए गए।

इसके अलावा राजकीय विद्यालय में दो नए कक्षा-कक्षों के निर्माण और दूध संकलन केंद्र स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री के इस दौरे को ग्रामीणों ने बेहद सकारात्मक बताया और इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना।

यह दौरा न केवल प्रशासनिक सख्ती और त्वरित निर्णयों के लिए चर्चा में रहा, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता और ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

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