राज्यदिल्ली

करापुर गांव बचाने की लड़ाई में AAP का समर्थन, आतिशी ने कहा- जमीन बचाने के संघर्ष में ग्रामीणों के साथ खड़ी है पार्टी

गोवा के ग्रामीणों ने दिल्ली पहुंचकर जताई चिंता, AAP नेता आतिशी ने भाजपा सरकार पर बिल्डरों के हित में काम करने का लगाया आरोप

AAP नेता आतिशी ने गोवा के करापुर गांव के ग्रामीणों का समर्थन किया। मेगा प्रोजेक्ट के खिलाफ जमीन बचाने की लड़ाई में साथ देने का ऐलान किया।

गोवा के करापुर गांव को कथित मेगा प्रोजेक्ट से बचाने की मांग को लेकर चल रहे ग्रामीणों के आंदोलन को आम आदमी पार्टी (AAP) ने समर्थन दिया है। AAP नेता आतिशी ने कहा कि पिछले 100 दिनों से करापुर के ग्रामीण अपनी जमीन और गांव की पहचान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार ग्रामीणों की आवाज सुनने के बजाय बिल्डरों और कॉलोनाइजरों के हितों के साथ खड़ी नजर आ रही है।

आतिशी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि करापुर के बहादुर ग्रामीण दिल्ली पहुंचे और आम आदमी पार्टी ने उनकी लड़ाई में पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी गांव, जमीन और स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी।

also read:-राम मंदिर चंदा विवाद पर AAP का देशव्यापी अभियान, अरविंद…

ग्रामीणों की मांगों का AAP ने किया समर्थन

AAP नेता ने कहा कि किसी भी विकास परियोजना में स्थानीय लोगों की सहमति और हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि करापुर के लोग लंबे समय से अपने गांव को बचाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की लड़ाई केवल जमीन की नहीं, बल्कि उनकी संस्कृति, पर्यावरण और भविष्य को बचाने की लड़ाई है।

भाजपा सरकार पर लगाए आरोप

आतिशी ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार आम लोगों की जगह बड़े बिल्डरों और निजी हितों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि गोवा के लोगों की आवाज को दबाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए।

AAP ने दिया आंदोलन को समर्थन

आम आदमी पार्टी ने करापुर गांव के लोगों को भरोसा दिलाया कि वह उनके संघर्ष में साथ देगी। पार्टी ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय समुदायों और ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए आवाज उठाना जरूरी है।

करापुर के ग्रामीणों का आंदोलन अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन रहा है, जहां वे अपने गांव और जमीन को बचाने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।

For English Newshttp://newz24india.in

Related Articles

Back to top button