ट्रेंडिंगखेल

Ajinkya Rahane Retirement: विदेशी पिचों के भरोसेमंद योद्धा अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा, याद रहेंगी ये 5 ऐतिहासिक पारियां

ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत से लेकर लॉर्ड्स के शतक तक, रहाणे ने मुश्किल परिस्थितियों में टीम इंडिया को कई बार संभाला

अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लिया। जानिए विदेशी पिचों पर उनकी 5 ऐतिहासिक टेस्ट पारियां, जिन्होंने भारत को यादगार जीत दिलाई।

भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने इंटरनेशनल क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। विदेशी मैदानों पर अपनी शानदार बल्लेबाजी, धैर्य और तकनीक के लिए मशहूर रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए क्रिकेट को अलविदा कहा।

31 अगस्त 2011 को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाले रहाणे ने करीब डेढ़ दशक तक भारतीय क्रिकेट में अहम योगदान दिया। उन्हें खासतौर पर विदेशी परिस्थितियों में भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिना जाता है।

रहाणे ने अपने करियर में कई ऐसी पारियां खेलीं, जो भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा याद रखी जाएंगी। आइए जानते हैं उनकी पांच सबसे शानदार टेस्ट पारियों के बारे में।

1. साउथ अफ्रीका के खिलाफ 96 रन, डरबन (2013)

अजिंक्य रहाणे ने अपने शुरुआती टेस्ट करियर में ही साबित कर दिया था कि वह विदेशी पिचों पर बड़ी पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं। डरबन के किंग्समीड मैदान की मुश्किल पिच पर जब भारतीय बल्लेबाजी डेल स्टेन, वर्नोन फिलेंडर और मोर्ने मोर्केल जैसे तेज गेंदबाजों के सामने संघर्ष कर रही थी, तब रहाणे ने शानदार संयम दिखाया।

उन्होंने 96 रनों की यादगार पारी खेली और शतक से केवल चार रन दूर रह गए। हालांकि शतक नहीं आया, लेकिन इस पारी ने उनकी विदेशी परिस्थितियों में खेलने की क्षमता को दुनिया के सामने रखा।

2. न्यूजीलैंड के खिलाफ 118 रन, वेलिंगटन (2014)

न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन टेस्ट में रहाणे ने दबाव के समय शानदार बल्लेबाजी की। सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे रहाणे ने तेज और चुनौतीपूर्ण पिच पर अपना पहला टेस्ट शतक लगाया।

उनकी 118 रनों की पारी ने भारतीय टीम को हार से बचाने में अहम भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन के बाद रहाणे को विदेशी दौरों पर भारत के भरोसेमंद बल्लेबाज के रूप में पहचान मिली।

3. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 147 रन, मेलबर्न (2014)

मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेली गई रहाणे की 147 रनों की पारी उनके करियर की सबसे बेहतरीन पारियों में से एक मानी जाती है।

ऑस्ट्रेलिया के विशाल स्कोर के जवाब में रहाणे ने मिचेल जॉनसन, रयान हैरिस और जोश हेजलवुड जैसे गेंदबाजों का डटकर सामना किया। विराट कोहली के साथ उनकी शानदार साझेदारी ने भारत को मैच में वापसी दिलाई और उनकी तकनीक व आत्मविश्वास की जमकर तारीफ हुई।

4. इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में 103 रन (2014)

लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर शतक लगाना हर क्रिकेटर का सपना होता है। अजिंक्य रहाणे ने यह सपना मुश्किल परिस्थितियों में पूरा किया।

जब भारतीय टीम 145 रन पर 7 विकेट गंवा चुकी थी, तब रहाणे ने धैर्य और जिम्मेदारी के साथ 103 रनों की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी की बदौलत भारत ने लॉर्ड्स में 28 साल बाद टेस्ट मैच जीतने में सफलता हासिल की।

ALSO READ:- Aryan Khan: लंदन में मिस्ट्री वुमन के साथ दिखे शाहरुख खान…

5. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 112 रन, मेलबर्न (2020)

2020-21 ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रहाणे की कप्तानी और बल्लेबाजी भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार अध्यायों में शामिल है।

एडिलेड टेस्ट में 36 रन पर ऑलआउट होने और विराट कोहली की गैरमौजूदगी के बाद रहाणे ने टीम की कमान संभाली। मेलबर्न टेस्ट में उन्होंने शानदार शतक लगाकर भारतीय टीम को मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला।

रहाणे की 112 रनों की पारी और रवींद्र जडेजा के साथ उनकी महत्वपूर्ण साझेदारी ने भारत को जीत दिलाई। इसके बाद टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर टेस्ट सीरीज में 2-1 से हराकर इतिहास रचा।

ऑस्ट्रेलिया में कप्तानी से रचा इतिहास

अजिंक्य रहाणे के करियर का सबसे खास पल 2020-21 का ऑस्ट्रेलिया दौरा रहा। एडिलेड टेस्ट की हार के बाद उन्होंने युवा भारतीय टीम का नेतृत्व किया और मेलबर्न में जीत दिलाई।

उनकी कप्तानी में भारत ने ब्रिस्बेन के गाबा मैदान पर ऑस्ट्रेलिया का 32 साल पुराना अजेय रिकॉर्ड तोड़ते हुए ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत दर्ज की।

भारतीय क्रिकेट में हमेशा याद रहेंगे रहाणे

अजिंक्य रहाणे का करियर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य, तकनीक और जिम्मेदारी का परिचय दिया। विदेशी मैदानों पर उनकी बल्लेबाजी ने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल किया।

रहाणे के संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक शांत, लेकिन बेहद प्रभावशाली अध्याय का अंत हो गया। उनकी ऐतिहासिक पारियां और ऑस्ट्रेलिया में मिली यादगार जीत हमेशा क्रिकेट फैंस के दिलों में रहेंगी।

For English Newshttp://newz24india.in

Related Articles

Back to top button