राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य में पानी और बिजली की उपलब्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए एक व्यापक विकास रोडमैप की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत-विकसित राजस्थान” विजन को साकार करने के लिए डबल इंजन सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है।
भीलवाड़ा के खारी का लाम्बा ग्राम पंचायत में आयोजित ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, पशुपालकों और युवाओं की जरूरतों के अनुरूप नीतियां बना रही है।
जल और बिजली परियोजनाओं पर तेज काम
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में वर्षों से लंबित जल परियोजनाओं को अब तेजी से पूरा किया जा रहा है। इनमें रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, इंदिरा गांधी नहर परियोजना (IGNP) और गंगनहर के सुदृढ़ीकरण जैसे कार्य शामिल हैं।
इसके अलावा माही, देवास, सोम-कमला-अंबा और ब्राह्मणी नदी परियोजनाओं पर भी तेजी से काम जारी है, जिससे आने वाले समय में पानी की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर राजस्थान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऊर्जा उत्पादन बढ़ाकर राजस्थान को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले ढाई वर्षों में ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि हुई है और राज्य “ऊर्जादाता” बनने की ओर बढ़ रहा है।
सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जाए। फिलहाल 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है।
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किसानों और पशुपालकों के लिए नई योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसान सम्मान निधि के तहत केंद्र और राज्य सरकार मिलकर सहायता दे रही हैं।
डेयरी और सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने के लिए दूध प्रसंस्करण इकाइयों और संकलन केंद्रों का विस्तार किया जा रहा है। पशुपालकों को 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान और गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जा रही है।
युवाओं के लिए रोजगार और भर्ती पर फोकस
राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में 1.25 लाख नियुक्ति पत्र जारी किए हैं, जबकि 1.35 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। साथ ही सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर भी जारी किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई कर भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है।
निवेश और विकास की दिशा में बड़ा कदम
राइजिंग राजस्थान समिट के जरिए 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए, जिनमें से 9 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। इससे राज्य में रोजगार और निवेश के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
किसानों का अनुभव और जमीनी बदलाव
कार्यक्रम में किसानों ने बताया कि ड्रिप सिंचाई, पॉलीहाउस खेती, तारबंदी योजना और जैविक खेती जैसी योजनाओं से उनकी आय में वृद्धि हुई है और उत्पादन बेहतर हुआ है।
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