राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बुनकरों और कारीगरों का सम्मान, CM योगी ने बांटे संत कबीर हथकरघा पुरस्कार
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर सीएम योगी ने लखनऊ में बुनकरों और कारीगरों को संत कबीर राज्य स्तरीय हथकरघा पुरस्कार से सम्मानित किया।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित विशेष समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुनकरों और कारीगरों को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान चयनित हस्तशिल्पियों को ‘संत कबीर राज्य स्तरीय हथकरघा पुरस्कार’ प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की समृद्ध हथकरघा और हस्तशिल्प परंपरा को आगे बढ़ाने में बुनकरों और कारीगरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार उनके हुनर को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए लगातार योजनाएं चला रही है।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर लाभार्थियों को मिला आर्थिक सहयोग
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना तथा झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के लाभार्थियों को चेक वितरित किए गए।
सरकार का उद्देश्य इन योजनाओं के माध्यम से बुनकरों और कारीगरों को आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना तथा उनके कारोबार को नई गति देना है। इससे पारंपरिक हुनर से जुड़े लोगों को अपने काम का विस्तार करने और आधुनिक बाजार से जुड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ के अवसर पर आज लखनऊ में आयोजित समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुनकरों एवं कारीगरों को ‘संत कबीर राज्य स्तरीय हथकरघा पुरस्कार’ प्रदान किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना और झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना… pic.twitter.com/2lQOYeifq1
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 7, 2026
उत्कृष्ट बुनकरों को मिला संत कबीर पुरस्कार
समारोह में अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले बुनकरों और कारीगरों को संत कबीर राज्य स्तरीय हथकरघा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान प्रदेश की पारंपरिक बुनकरी और हस्तशिल्प कला को संरक्षित करने वाले कारीगरों के योगदान को पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर ऐसे सम्मान से कारीगरों को अपनी कला को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन मिलने के साथ नई पीढ़ी को भी पारंपरिक शिल्प से जोड़ने में मदद मिल सकती है।
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प्रमुख खरीदारों के साथ हुआ MoU का आदान-प्रदान
कार्यक्रम के दौरान हथकरघा उत्पादों के प्रमुख खरीदारों के साथ समझौता ज्ञापन यानी MoU का आदान-प्रदान भी किया गया। इसका उद्देश्य हथकरघा उत्पादों के लिए बाजार का विस्तार करना और बुनकरों को बेहतर व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराना है।
हथकरघा क्षेत्र को बड़े बाजार से जोड़ने से स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले पारंपरिक उत्पादों को व्यापक ग्राहक आधार मिलने की संभावना है। इससे कारीगरों की आय बढ़ाने और प्रदेश की हस्तशिल्प विरासत को मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।
हस्तशिल्पियों का सम्मान सरकार की प्राथमिकता: योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हस्तशिल्पियों का सम्मान, स्वाभिमान और समृद्धि डबल इंजन सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने लाभार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की गौरवशाली हस्तशिल्प परंपरा को संरक्षित करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए सरकार लगातार सहयोग करती रहेगी।
पारंपरिक हुनर को नई पहचान देने पर जोर
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस केवल बुनकरों और कारीगरों के सम्मान का अवसर नहीं, बल्कि देश की पारंपरिक कला और स्थानीय हुनर के संरक्षण की दिशा में जागरूकता बढ़ाने का भी दिन है। उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में कारीगर अपनी पारंपरिक कला के जरिए प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत कर रहे हैं।
सरकार की योजनाओं, पुरस्कारों और बाजार से जोड़ने की पहल के जरिए हथकरघा क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने समारोह में सम्मानित सभी बुनकरों, कारीगरों और योजनाओं के लाभार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर आयोजित यह कार्यक्रम प्रदेश की पारंपरिक कला, कारीगरों के सम्मान और हथकरघा उद्योग को आगे बढ़ाने के संकल्प को रेखांकित करता है।
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