अरविंद केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल नीति पर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। दावा किया कि 2023 से पहले बने करोड़ों वाहनों पर असर पड़ सकता है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 पेट्रोल नीति को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस नीति को लागू करने के लिए दबाव की राजनीति कर रही है और इससे वर्ष 2023 से पहले बने करोड़ों वाहनों के मालिकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए केजरीवाल ने दावा किया कि उन्होंने देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों से ई-20 पेट्रोल को लेकर सवाल पूछे थे, लेकिन किसी भी कंपनी ने सार्वजनिक रूप से जवाब देने की हिम्मत नहीं दिखाई।
ऑटो कंपनियों को लेकर लगाया बड़ा आरोप
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखकर पूछा था कि क्या वर्ष 2023 से पहले बने वाहनों में ई-20 पेट्रोल सुरक्षित है और यदि इससे इंजन को नुकसान होता है या माइलेज कम होता है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
उनका दावा है कि कई कंपनियों के अधिकारियों ने निजी बातचीत में चिंता जताई, लेकिन वे सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने से बच रहे हैं। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि कंपनियां सरकारी कार्रवाई के डर से खुलकर अपनी राय नहीं रख पा रही हैं।
30 करोड़ वाहनों पर असर का दावा
AAP प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि ई-20 नीति बिना पर्याप्त तैयारी के लागू होती है तो वर्ष 2023 से पहले निर्मित लगभग 30 करोड़ वाहन प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और लाखों वाहन मालिकों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है।
हालांकि, सरकार या ऑटोमोबाइल कंपनियों की ओर से उनके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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ई-20 नीति पर उठाए सवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार को ई-20 नीति लागू करने से पहले वाहन मालिकों, विशेषज्ञों और ऑटोमोबाइल उद्योग से व्यापक चर्चा करनी चाहिए थी।
अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि इस नीति से विदेशी मुद्रा बचत और पर्यावरण संरक्षण जैसे उद्देश्यों पर अपेक्षित लाभ मिलने को लेकर भी कई सवाल हैं।
आंदोलन की चेतावनी
AAP संयोजक ने कहा कि उनकी पार्टी ई-20 नीति को लेकर जनजागरण अभियान चलाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विषय पर आयोजित किए जाने वाले एक टाउन हॉल कार्यक्रम को भी अनुमति नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि यदि लोगों की चिंताओं का समाधान नहीं किया गया तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएगी।
अन्य मुद्दों पर भी केंद्र और दिल्ली सरकार पर निशाना
प्रेस वार्ता के दौरान केजरीवाल ने दिल्ली में जलभराव, बुनियादी सुविधाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को अधिक जवाबदेही दिखानी चाहिए।
उन्होंने महिलाओं से जुड़ी एक सरकारी योजना की पात्रता शर्तों पर भी सवाल उठाते हुए दावा किया कि बड़ी संख्या में महिलाएं इसके दायरे से बाहर रह सकती हैं।
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