शालीमार बाग तोड़फोड़ विवाद में आतिशी ने सवाल उठाए। दशकों से रह रहे परिवारों के घरों पर कार्रवाई को लेकर दिल्ली में विरोध तेज।
दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में हो रही तोड़फोड़ की कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है। सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पुराने घरों को हटाए जाने से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। इस पूरे मामले पर AAP नेता आतिशी ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे गलत बताया है।
शालीमार बाग में तोड़फोड़ पर बढ़ा विवाद
शालीमार बाग में कई ऐसे घरों पर कार्रवाई की जा रही है जहां लोग पिछले 40 से 50 वर्षों से रह रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनके पास सेल डीड जैसे वैध दस्तावेज मौजूद हैं, फिर भी उनके घरों को तोड़ा जा रहा है।
इस स्थिति को लेकर क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और लोग लगातार विरोध कर रहे हैं।
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शालीमार बाग में 40-50 साल से रह रहे गरीब परिवारों के घर तोड़े जा रहे हैं। कई लोगों के पास सेल डीड तक है। सवाल है — BJP सरकार सड़क चौड़ीकरण कर रही है या ज़मीन बिल्डरों को देने की तैयारी? pic.twitter.com/epMCP9O4Xf
— Atishi (@AtishiAAP) May 25, 2026
दशकों से रह रहे परिवारों की चिंता
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना के नाम पर उनके घरों को अचानक तोड़ा जा रहा है। इससे उनके सामने आवास का संकट खड़ा हो गया है।
निवासियों का कहना है कि शालीमार बाग तोड़फोड़ विवाद ने उनके जीवन को अस्थिर कर दिया है और वे बेघर होने के डर में हैं।
AAP नेता आतिशी का बयान
इस मामले में AAP नेता आतिशी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के पास वैध दस्तावेज हैं और जो लंबे समय से यहां रह रहे हैं, उनके घरों को हटाना सही नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शालीमार बाग तोड़फोड़ विवाद के तहत हो रही कार्रवाई आम लोगों के अधिकारों का उल्लंघन है।
प्रशासन का पक्ष
वहीं प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई सड़क विस्तार और विकास कार्यों के तहत की जा रही है। उनका दावा है कि इससे क्षेत्र में बेहतर बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा।
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