राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT की फाइनल रिपोर्ट, चंपत राय और अनिल मिश्रा को मिली क्लीन चिट
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने फाइनल रिपोर्ट शासन को सौंपी। रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा पर आरोप तय नहीं किए गए।
अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी के मामले में बड़ी खबर सामने आई है। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा के खिलाफ कोई आरोप तय नहीं किया गया है।
गृह विभाग ने SIT की रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद इसे आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को उपलब्ध करा दिया है। रिपोर्ट में दोनों प्रमुख पदाधिकारियों को कथित मामले में राहत मिलने की बात सामने आई है।
तीन सदस्यीय SIT ने की पूरे मामले की जांच
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने ट्रस्ट के अनुरोध पर 13 जून को तीन सदस्यीय SIT का गठन किया था। टीम की अध्यक्षता लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने की थी।
SIT में आईजी रेंज किरण एस और विशेष सचिव वित्त नील रतन कुमार को सदस्य बनाया गया था। जांच के दौरान टीम ने चढ़ावे से संबंधित दस्तावेजों, सामने आए तथ्यों और संबंधित लोगों के बयानों की विस्तार से पड़ताल की।
प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद दर्ज हुआ था मुकदमा
SIT ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट शासन को सौंपी थी। प्रारंभिक जांच में मामले में कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई थी। इसके बाद 25 जून को राम जन्मभूमि थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।
मुकदमा ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन की शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ था। इसमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू को नामजद किया गया था। इनके अलावा कुछ अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया था।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया था। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों की गिरफ्तारी सहित अन्य कार्रवाई की गई थी।
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चंपत राय और अनिल मिश्रा पर भी उठे थे सवाल
राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े आरोप सामने आने के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। मामले को लेकर विवाद बढ़ने के बीच दोनों ने ट्रस्ट में अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
अब SIT की अंतिम रिपोर्ट में दोनों के खिलाफ आरोप तय नहीं किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद उन्हें बड़ी राहत मिली है। हालांकि, मामले में नामजद अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच और कानूनी प्रक्रिया से जुड़ी कार्रवाई अलग स्तर पर जारी है।
शासन को सौंपी गई अंतिम रिपोर्ट
SIT ने अपनी जांच पूरी करने के बाद अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। गृह विभाग की ओर से रिपोर्ट का परीक्षण किया गया और इसके बाद इसे आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित ट्रस्ट को उपलब्ध कराया गया।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अंतिम रिपोर्ट सामने आने के बाद अब जांच के दौरान लगाए गए आरोपों और कार्रवाई को लेकर तस्वीर पहले की तुलना में स्पष्ट हुई है। चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ SIT की अंतिम रिपोर्ट में कोई आरोप तय नहीं किए जाने की जानकारी इस मामले का अहम पहलू बनी हुई है।
फिलहाल, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में नामजद अन्य लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।
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