सीएम योगी आदित्यनाथ की हाईलेवल बैठक: डेटा सेंटर, प्रोजेक्ट गंगा और खाद्य सुरक्षा पर बड़ा फोकस, अल नीनो को लेकर चेतावनी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी डाटा सेंटर, प्रोजेक्ट गंगा और गेहूं प्रसंस्करण की समीक्षा की, अल नीनो को लेकर खाद्यान्न भंडार मजबूत रखने के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक उच्चस्तरीय बैठक में राज्य के भविष्य से जुड़े तीन महत्वपूर्ण विषयों- यूपी डेटा सेंटर क्लस्टर (UPDCC), प्रोजेक्ट गंगा और गेहूं प्रसंस्करण नीति—की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अल नीनो के संभावित प्रभाव को लेकर भी सतर्क रहने और खाद्यान्न भंडार मजबूत बनाए रखने के निर्देश दिए।
अल नीनो को लेकर खाद्य सुरक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आने वाले वर्षों में अल नीनो प्रभाव के कारण फसलों पर असर पड़ सकता है। ऐसे में प्रदेश को अभी से खाद्यान्न सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है।
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अनाज भंडारण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए ताकि किसी भी संभावित संकट का सामना किया जा सके।
यूपी डेटा सेंटर क्लस्टर पर बड़ी योजना
बैठक में यूपी डेटा सेंटर क्लस्टर को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश को AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का वैश्विक केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने सुझाव दिया कि इस परियोजना को केवल NCR तक सीमित न रखकर बुंदेलखंड सहित अन्य क्षेत्रों में भी विस्तारित किया जाए। इसका उद्देश्य राज्य को क्लाउड, AI, साइबर सिक्योरिटी और हाई-टेक डिजिटल हब के रूप में विकसित करना है।
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प्रोजेक्ट गंगा से ग्रामीण डिजिटल क्रांति
सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रोजेक्ट गंगा (Government Assisted Network for Growth and Advancement) की भी समीक्षा की। यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और डिजिटल सेवाएं पहुंचाने पर केंद्रित है।
इस परियोजना के तहत हजारों युवाओं को डिजिटल सर्विस प्रोवाइडर (DSP) के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही महिलाओं की भागीदारी को भी विशेष प्राथमिकता दी जा रही है।
गेहूं प्रसंस्करण और कृषि अर्थव्यवस्था पर फोकस
मुख्यमंत्री ने राज्य में गेहूं के इन-हाउस प्रसंस्करण को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने मंडी शुल्क और सेस प्रणाली में सुधार की आवश्यकता बताते हुए मंडियों को आधुनिक और स्वच्छ बनाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक राज्य है, इसलिए प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाकर राज्य के भीतर ही मूल्य संवर्धन किया जाना चाहिए ताकि रोजगार और राजस्व दोनों में वृद्धि हो सके।
AI और भविष्य की अर्थव्यवस्था पर रणनीति
बैठक में यह भी बताया गया कि आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था AI, क्लाउड, सेमीकंडक्टर, EV और स्पेस टेक्नोलॉजी पर आधारित होगी। यूपी को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दीर्घकालिक रणनीति पर भी चर्चा हुई।
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