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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी की मौन पदयात्रा, विस्थापित परिवारों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की मौन पदयात्रा में हिस्सा लिया और विस्थापित परिवारों के सदस्यों को सम्मानित किया।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर लखनऊ में आयोजित मौन पदयात्रा में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने 1947 के विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि दी और विस्थापन का दर्द झेलने वाले परिवारों के संघर्ष को याद किया।

मौन पदयात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने विभाजन की त्रासदी से संबंधित एक प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में विभाजन के दौर की घटनाओं और उससे प्रभावित लोगों के संघर्ष को सामने रखा गया।

विस्थापित परिवारों के सदस्यों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाजन की त्रासदी से प्रभावित विस्थापित परिवारों के सदस्यों को सम्मानित किया। उन्होंने उन परिवारों के संघर्ष और साहस को नमन किया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने जीवन को दोबारा खड़ा किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाजन का दर्द देश के इतिहास का एक ऐसा अध्याय है, जिसे याद करना जरूरी है। इस त्रासदी ने बड़ी संख्या में लोगों के जीवन को प्रभावित किया और अनेक परिवारों को विस्थापन का सामना करना पड़ा।

इतिहास से सीख लेकर एकता मजबूत करने का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस केवल अतीत को याद करने का अवसर नहीं है। यह दिन इतिहास के काले अध्यायों से सीख लेकर देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।

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उन्होंने कहा कि समाज को इतिहास से सीख लेते हुए आपसी भाईचारे और एकजुटता को मजबूत करना चाहिए। राष्ट्र की प्रगति के लिए सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का मजबूत होना आवश्यक है।

विभाजन त्रासदी के पीड़ितों को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाजन की भयावह त्रासदी में काल-कवलित हुए सभी ज्ञात और अज्ञात नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने पीड़ित परिवारों की पीड़ा और संघर्ष को सम्मान के साथ याद किया।

लखनऊ में आयोजित मौन पदयात्रा, प्रदर्शनी और सम्मान समारोह के माध्यम से विभाजन की त्रासदी की स्मृतियों को सामने लाया गया। कार्यक्रम ने लोगों को इतिहास के इस दर्दनाक अध्याय से परिचित कराने के साथ राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता के महत्व का संदेश भी दिया।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को और मजबूत बनाने के लिए सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया।

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