मनोरंजन

Bharathiraja: तमिल सिनेमा के दिग्गज निर्देशक भारतीराजा का निधन: 85 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

लंबी बीमारी के बाद चेन्नई में निधन, फिल्म जगत में शोक की लहर; ‘इयाकुनार इम्मयम’ के नाम से थे प्रसिद्ध

तमिल निर्देशक भारतीराजा का 85 वर्ष की उम्र में निधन, लंबे समय से बीमार थे। तमिल सिनेमा में शोक की लहर, फिल्म इंडस्ट्री में बड़ी क्षति।

तमिल सिनेमा के महान और प्रभावशाली निर्देशक भारतीराजा का 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। लंबे समय से चल रही बीमारी के बाद उन्होंने चेन्नई में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है।

तमिल फिल्म प्रोड्यूसर्स काउंसिल ने भी उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और कहा कि उन्होंने सिनेमा को नई दिशा देने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई।

लंबे समय से चल रही थी तबीयत खराब

रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीराजा पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। साल 2024 में उनके बेटे मनोज का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था, जिसके बाद से उनकी तबीयत और अधिक खराब रहने लगी थी।

इसके अलावा पिछले वर्ष उन्हें सांस लेने में दिक्कत के चलते अस्पताल में भर्ती भी कराया गया था। परिवार और करीबी लोगों के अनुसार, वे लगातार स्वास्थ्य समस्याओं से संघर्ष कर रहे थे।

तमिल सिनेमा में अपूरणीय क्षति

भारतीराजा को तमिल फिल्म इंडस्ट्री में “इयाकुनार इम्मयम” (Legendary Director) के नाम से जाना जाता था। उन्होंने ग्रामीण जीवन और सामाजिक यथार्थ पर आधारित फिल्मों को मुख्यधारा सिनेमा में नई पहचान दिलाई।

उनकी कहानियों में गांव, रिश्ते और भावनाओं की गहराई साफ झलकती थी, जिसने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी।

also read:- Alpha Teaser: रिलीज होते ही छाया ‘अल्फा’ का टीजर, आलिया…

प्रमुख फिल्मों से बनाई खास पहचान

अपने लंबे करियर में उन्होंने 40 से अधिक फिल्मों का निर्देशन किया। उनकी कुछ चर्चित फिल्में इस प्रकार हैं:

16 वयाथिनिले (1977) – निर्देशन की शुरुआत
किझाके पोगम रेल
सिगप्पु रोजक्कल
अलैगल ओइवाथिल्लई
काधल ओवियाम
मुधल मारियाथाई

इन फिल्मों ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल की, बल्कि भारतीय सिनेमा को नई दिशा भी दी।

फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर

अभिनेत्री और राजनेता खुशबु सुन्दर ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि Bharathiraja की फिल्मों ने हमेशा फिल्ममेकिंग की एक नई पाठशाला दी और उनकी विरासत हमेशा जीवित रहेगी।

कई अन्य फिल्मी हस्तियों ने भी सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें भारतीय सिनेमा का महान स्तंभ बताया।

एक युग का अंत

भारतीराजा का निधन सिर्फ एक निर्देशक का जाना नहीं, बल्कि तमिल सिनेमा के एक युग का अंत माना जा रहा है। उनकी फिल्में और सोच आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेंगी।

उनकी विरासत भारतीय फिल्म इतिहास में हमेशा अमर रहेगी।

For English News: http://newz24india.in

Related Articles

Back to top button