पंजाब सरकार ने चीनी की जमाखोरी रोकने के लिए स्टॉक सीमा तय की है। कारोबारी 4000 क्विंटल से ज्यादा चीनी नहीं रख सकेंगे और हर सप्ताह पोर्टल पर जानकारी देंगे।
पंजाब में चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने स्टॉक की निगरानी और कड़ी कर दी है। पंजाब में चीनी स्टॉक सीमा तय करते हुए कारोबारियों के लिए अधिकतम भंडारण की सीमा निर्धारित की गई है। अब कोई भी चीनी कारोबारी एक जगह पर 4000 क्विंटल से ज्यादा चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लालचंद कटारूचक ने विभागीय अधिकारियों को चीनी की उपलब्धता, भंडारण और बाजार में सप्लाई पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। यह व्यवस्था 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी।
4000 क्विंटल से ज्यादा स्टॉक रखने पर कार्रवाई
नई व्यवस्था के तहत पंजाब में चीनी स्टॉक सीमा के अनुसार एक कारोबारी एक स्थान पर अधिकतम 4000 क्विंटल चीनी रख सकेगा। इसके अलावा खरीदी गई चीनी को 30 दिनों से अधिक समय तक स्टोर करने की अनुमति नहीं होगी।
निर्धारित सीमा से ज्यादा चीनी मिलने या तय अवधि से अधिक समय तक स्टॉक रखने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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जिलों में होगी औचक जांच
चीनी की जमाखोरी रोकने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने जिलों में निरीक्षण टीमें गठित करने के निर्देश दिए हैं। ये टीमें थोक विक्रेताओं, डीलरों और अन्य संबंधित कारोबारियों के स्टॉक की जांच करेंगी।
अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के साथ-साथ औचक जांच करने के लिए भी कहा गया है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि कहीं कारोबारी निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का भंडारण तो नहीं कर रहे हैं।
हर सप्ताह पोर्टल पर अपडेट करना होगा स्टॉक
पंजाब में चीनी स्टॉक सीमा लागू होने के साथ कारोबारियों के लिए स्टॉक की जानकारी ऑनलाइन देना भी जरूरी किया गया है। चीनी कारोबारियों को विभागीय पोर्टल पर अपने स्टॉक का विवरण दर्ज करना होगा और उसे हर सप्ताह अपडेट करना अनिवार्य होगा।
अगर किसी कारोबारी की ओर से गलत जानकारी दी जाती है, स्टॉक छिपाया जाता है या तय सीमा से अधिक भंडारण पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यालय स्तर पर भी निगरानी कमेटी
सरकार ने जिलों से मिलने वाली स्टॉक संबंधी जानकारी की निगरानी के लिए मुख्यालय स्तर पर एक विशेष कमेटी भी गठित की है। यह कमेटी अलग-अलग जिलों में चीनी के स्टॉक और बाजार में इसकी उपलब्धता पर नजर रखेगी।
मंत्री लालचंद कटारूचक ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि जमाखोरी के कारण बाजार में कृत्रिम कमी पैदा न हो और आम उपभोक्ताओं को जरूरत के मुताबिक चीनी उपलब्ध होती रहे।
30 नवंबर तक लागू रहेगी व्यवस्था
पंजाब में चीनी स्टॉक सीमा से जुड़ी यह व्यवस्था 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी। सरकार का फोकस चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और जमाखोरी या कालाबाजारी की किसी भी संभावना को रोकने पर है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीमें आने वाले दिनों में कारोबारियों के स्टॉक की जांच करेंगी। वहीं, ऑनलाइन स्टॉक अपडेट की व्यवस्था से सरकार को बाजार में चीनी की वास्तविक उपलब्धता पर नजर रखने में मदद मिलेगी।
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