हरियाणा सरकार ने कर्मचारियों के लिए Y-Break Scheme शुरू की है, जिसमें रोजाना 5 मिनट योग ब्रेक से तनाव कम करने और कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर है।
हरियाणा सरकार ने औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले कर्मचारियों की सेहत और कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के लिए नई पहल शुरू की है। Haryana Y-Break Scheme के तहत कर्मचारियों को काम के दौरान रोजाना 5 मिनट का योग ब्रेक दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य कर्मचारियों को तनाव से राहत देने के साथ उनकी एकाग्रता और कार्यक्षमता को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की वर्ष 2026-27 की बजट घोषणा के तहत शुरू की गई Haryana Y-Break Scheme में कार्यस्थल पर योग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। सरकार का कहना है कि छोटे और आसान योग सत्रों को दैनिक कामकाज का हिस्सा बनाकर कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर करने में मदद मिल सकती है।
हर 50 कर्मचारियों पर एक प्रशिक्षित कर्मचारी
आयुष विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा के अनुसार, औद्योगिक इकाइयों में योग शिविर और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। योजना के तहत एक महीने के भीतर प्रत्येक 50 कर्मचारियों पर कम से कम एक प्रशिक्षित कर्मचारी तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
शिफ्ट में काम करने वाली औद्योगिक इकाइयों में भी यही व्यवस्था लागू होगी। प्रत्येक शिफ्ट में 50 कर्मचारियों के समूह के लिए एक प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध कराने की योजना है।
कंपनियां चुनेंगी कर्मचारियों को
Haryana Y-Break Scheme के तहत औद्योगिक इकाइयों को अपने एक या दो कर्मचारियों का चयन करना होगा। इन कर्मचारियों को योग सहायकों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद वे अपने कार्यस्थल पर अन्य कर्मचारियों के लिए Y-Break सत्र संचालित कर सकेंगे।
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प्रत्येक जिले में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक और जिला आयुर्वेद अधिकारी मिलकर योग शिविरों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का शेड्यूल तैयार करेंगे। इससे औद्योगिक इकाइयों में योजना को व्यवस्थित तरीके से लागू करने की तैयारी है।
Y-Break में क्या-क्या होगा?
पांच मिनट के इस योग ब्रेक में आसान योगासन, प्राणायाम और ध्यान जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। इसके लिए किसी विशेष उपकरण या अलग स्थान की जरूरत नहीं होगी। कर्मचारी इसे अपने कार्यस्थल पर ही कर सकेंगे।
सरकार के मुताबिक, नियमित Y-Break से कर्मचारियों को तनाव कम करने, ऊर्जा बनाए रखने और काम पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा इससे कार्यक्षमता और उत्पादकता को बढ़ावा देने का भी उद्देश्य है।
मोबाइल ऐप और वीडियो से भी मिलेगी मदद
कर्मचारियों को योग अभ्यास के लिए आयुष मंत्रालय के आधिकारिक Y-Break मोबाइल ऐप और उपलब्ध वीडियो का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे कर्मचारी निर्धारित अभ्यासों को सही तरीके से समझकर उन्हें कार्यस्थल पर कर सकेंगे।
Haryana Y-Break Scheme में कर्मचारियों की भागीदारी अनिवार्य नहीं होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह स्वैच्छिक पहल है और पांच मिनट का सत्र इस तरह आयोजित किया जाएगा कि सामान्य कामकाज पर कोई बड़ा असर न पड़े।
कर्मचारियों को क्या मिलेगा फायदा?
Haryana Y-Break Scheme का मुख्य फोकस काम के बीच कर्मचारियों को थोड़े समय के लिए मानसिक और शारीरिक राहत देना है। पांच मिनट के इस ब्रेक के जरिए तनाव कम करने, शरीर को सक्रिय रखने और एकाग्रता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार की योजना है कि प्रशिक्षण और योग शिविरों के जरिए अधिक से अधिक औद्योगिक कर्मचारियों तक इस पहल को पहुंचाया जाए। इससे कार्यस्थल पर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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