ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी पर हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार को घेरा, आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ पर जताई गंभीर चिंता।
देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। बीते दो हफ्तों में चौथी बार ईंधन दरों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिसमें इस बार करीब ₹2.71 प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। कुल मिलाकर पिछले कुछ दिनों में लगभग ₹8 प्रति लीटर तक का इजाफा हो चुका है, जिससे आम जनता पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है।
इस मुद्दे पर पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार और सत्तारूढ़ व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती ईंधन कीमतें आम लोगों, किसानों और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ रही हैं, जबकि सरकार राहत देने के बजाय केवल बोझ बढ़ा रही है।
जनता पर बढ़ता आर्थिक दबाव
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में लगातार हो रही कीमतों में बढ़ोतरी से घरेलू बजट पूरी तरह प्रभावित हो गया है। परिवहन, कृषि और दैनिक जरूरतों की लागत बढ़ने से आम आदमी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।
हरपाल सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि जहां कई देश अपने नागरिकों को वैश्विक ईंधन संकट से राहत देने के लिए कदम उठा रहे हैं, वहीं भारत में लोगों को बाजार के भरोसे छोड़ दिया गया है।
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Another shock to common people as fuel prices have been hiked for the fourth time in just two weeks — this time by ₹2.71 per litre. Total increase so far is now nearly ₹8 per litre.@BJP4India Government seems to have zero concern for struggling households. While many…
— Adv Harpal Singh Cheema (@HarpalCheemaMLA) May 25, 2026
केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल
हरपाल सिंह चीमा ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि लगातार टैक्स और मूल्य वृद्धि से आम जनता पर अनावश्यक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति “जनविरोधी आर्थिक नीति” को दर्शाती है, जिसका सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ रहा है।
हरपाल सिंह चीमा ने यह भी कहा कि जनता को राहत देने के बजाय सरकार केवल राजस्व बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जिससे आर्थिक असमानता और बढ़ रही है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों का कहना है कि बढ़ती कीमतें सरकार की आर्थिक नीतियों की विफलता को दर्शाती हैं। वहीं सत्ताधारी पक्ष का दावा है कि वैश्विक बाजार और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव हो रहा है।
Bharatiya Janata Party पर भी विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है और जनता को राहत देने की मांग कर रहा है।
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