मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नकोदर में अलमस्त बापू लाल बादशाह जी के 43वें मेले में शिरकत की और प्रेम, सेवा व इंसानियत का संदेश दिया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नकोदर में आयोजित अलमस्त बापू लाल बादशाह जी के 43वें वार्षिक मेले में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संत परंपरा, मानवता और सामाजिक एकता के महत्व पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अलमस्त बापू लाल बादशाह जी के डेरे पर आयोजित इस मेले में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि लोगों को आध्यात्मिक मूल्यों, आपसी प्रेम और भाईचारे से जोड़ने का माध्यम है।
संतों की शिक्षाएं देती हैं इंसानियत का संदेश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महान सूफी संत अलमस्त बापू लाल बादशाह जी का जीवन प्रेम, सेवा, समानता और इंसानियत की प्रेरणादायक मिसाल है। उनकी शिक्षाएं समाज को एकता और सद्भावना के रास्ते पर आगे बढ़ने का संदेश देती हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संत-महात्माओं और पीर-फकीरों ने हमेशा मानव कल्याण, प्रेम और आपसी सम्मान का मार्ग दिखाया है। आज के समय में इन मूल्यों को अपनाना बेहद जरूरी है।
also read:- करनाल में नशा मुक्ति हरियाणा कार्यक्रम में बोले सीएम नायब…
युवाओं से किया सकारात्मक सोच अपनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं से अपील की कि वे संतों और ऋषि-मुनियों द्वारा दिखाए गए मार्ग का अनुसरण करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को जात-पात, धर्म, भाषा और क्षेत्रवाद जैसी सीमाओं से ऊपर उठकर मानवता के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि समाज की मजबूती आपसी सहयोग, सम्मान और भाईचारे से ही संभव है।
धार्मिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है मेला
अलमस्त बापू लाल बादशाह जी का वार्षिक मेला बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और अनुयायियों को जोड़ता है। यह आयोजन आध्यात्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री ने मेले में उपस्थित लोगों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी सद्भाव को बढ़ावा देते हैं।
For English News: http://newz24india.in
Visit WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Vb4ZuKSLSmbVWNb1sx1x



