अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक मामलों पर पीएम मोदी के फास्ट-ट्रैक कोर्ट ऐलान पर सवाल उठाए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेपर लीक मामलों में फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला छात्रों की मूल मांगों का समाधान नहीं करता और एक बार फिर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर उठाए सवाल
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है, लेकिन छात्रों द्वारा उठाई जा रही जवाबदेही की मांग और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की वास्तविक चिंताओं का समाधान करने के बजाय केवल नई घोषणाएं कर रही है।
शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग
केजरीवाल का कहना है कि देश में पहले से कई मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था मौजूद है। उनके अनुसार, छात्रों की सबसे बड़ी चिंता परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुधारों की है।
also read:- NEET-UG पेपर लीक पर संसद में हंगामे के आसार, AAP सांसद…
उन्होंने दावा किया कि केवल अदालतों की घोषणा से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा और सरकार को परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए व्यापक कदम उठाने चाहिए।
छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई का भी किया जिक्र
AAP प्रमुख ने आरोप लगाया कि पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हुए।
उन्होंने कहा कि उन्होंने जंतर-मंतर जाकर कुछ घायल छात्रों से मुलाकात की और उनके हालात की जानकारी ली। केजरीवाल ने यह भी सवाल उठाया कि छात्रों की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री की ओर से कोई संवेदना व्यक्त नहीं की गई।
आज सुबह प्रधान मंत्री जी ने ऐलान किया है – पेपर लीक मामलों के लिए फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट बनाये जाएँगे।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का क्या हुआ?
प्रधान मंत्री का ये स्टेटमेंट एक हारे हुए दिशाहीन लेकिन अहंकारी व्यक्ति का लगता है। https://t.co/CyD86h4XDf pic.twitter.com/12IfNNiiBm
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 23, 2026
पीएम मोदी ने किया फास्ट-ट्रैक कोर्ट का ऐलान
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि देश के युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि पेपर लीक मामलों में शामिल लोगों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश देते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
परीक्षा सुधार पर राजनीतिक बहस तेज
पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली को लेकर देश में राजनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है। एक ओर केंद्र सरकार फास्ट-ट्रैक कोर्ट जैसी कानूनी व्यवस्था को समाधान बता रही है, वहीं विपक्ष परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है।
For English News: http://newz24india.in
Visit WhatsApp Channel: https://whatsapp.com/channel/0029Vb4ZuKSLSmbVWNb1sx1x



