हरियाणा में एनीमिया का बोझ अगले एक साल में 10 अंक तक कम करने का लक्ष्य तय किया गया है। डॉ. सुमिता मिश्रा ने समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया।
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने राज्य में एनीमिया की समस्या को कम करने के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि अगले एक साल के भीतर राज्य में एनीमिया के बोझ को 10 अंक तक कम करने के लिए व्यापक और समन्वित प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने जोर देते हुए कहा कि एनीमिया को महज स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़े के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यह एक ऐसी चुनौती है, जिसके समाधान के लिए सरकारी विभागों के साथ-साथ जमीनी स्तर पर काम करने वाली एजेंसियों और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
जमीनी स्तर पर कार्रवाई पर जोर
राज्य सरकार का लक्ष्य एनीमिया से प्रभावित लोगों तक समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं और जागरूकता पहुंचाना है। इसके लिए केवल उपचार पर निर्भर रहने के बजाय रोकथाम, समय पर पहचान और नियमित निगरानी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, समस्या की व्यापकता को देखते हुए विभिन्न स्तरों पर समन्वित रणनीति तैयार करना जरूरी है। इससे जोखिम वाले लोगों की पहचान करने और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
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सरकारी प्रयासों में समन्वय जरूरी
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि एनीमिया से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन अकेले स्वास्थ्य विभाग के प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे। जमीनी स्तर पर विभिन्न विभागों और संबंधित कर्मियों के बीच समन्वय स्थापित करना अभियान की सफलता के लिए आवश्यक है।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि समस्या को केवल आंकड़ों में सीमित करने के बजाय इसके सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी प्रभावों को समझना होगा। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई और लगातार निगरानी पर ध्यान देना होगा।
एक साल में 10 अंक तक कमी का लक्ष्य
राज्य सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार अगले 12 महीनों में एनीमिया के बोझ में 10 अंक तक की कमी लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए मौजूदा स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ जागरूकता और रोकथाम से जुड़े प्रयासों को गति देने की जरूरत होगी।
सरकार का मानना है कि स्पष्ट लक्ष्य, नियमित निगरानी और विभिन्न स्तरों पर बेहतर तालमेल के जरिए इस चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है।
डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि एनीमिया के खिलाफ लड़ाई को व्यापक जनस्वास्थ्य अभियान के रूप में आगे बढ़ाना होगा। सरकार और जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों की संयुक्त भागीदारी से ही अगले एक साल में निर्धारित लक्ष्य हासिल करने की दिशा में ठोस प्रगति संभव होगी।
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