धर्म

गणेश विसर्जन 2026: 15 सितंबर को होगा डेढ़ दिन वाले गणपति का विसर्जन, जानें शुभ मुहूर्त और जरूरी नियम

गणेश विसर्जन 2026 15 सितंबर को होगा। जानें डेढ़ दिन वाले गणपति के विसर्जन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और जरूरी नियम।

गणेश चतुर्थी का पर्व इस साल 14 सितंबर 2026 को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस दिन भक्त घरों और पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा करते हैं। इसके बाद अपनी परंपरा के अनुसार अलग-अलग दिनों में बप्पा का विसर्जन किया जाता है। कई श्रद्धालु डेढ़ दिन बाद गणपति प्रतिमा का विसर्जन करते हैं। ऐसे में गणेश विसर्जन 2026 को लेकर शुभ मुहूर्त और पूजा से जुड़े नियम जानना जरूरी है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। गणपति स्थापना के बाद भक्त नियमित पूजा, आरती और भोग लगाकर बप्पा से सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। डेढ़ दिन वाले गणपति का विसर्जन 15 सितंबर को किया जाएगा।

15 सितंबर को होगा डेढ़ दिन वाले गणपति का विसर्जन

पंचांग के अनुसार, 14 सितंबर को गणपति स्थापना के बाद डेढ़ दिन की परंपरा मानने वाले श्रद्धालु अगले दिन यानी 15 सितंबर 2026 को भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन करेंगे।

गणेश विसर्जन 2026 के लिए 15 सितंबर को दिन और रात में कई शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। श्रद्धालु अपनी सुविधा और स्थानीय परंपरा के अनुसार इनमें से किसी शुभ समय में विसर्जन कर सकते हैं।

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15 सितंबर के शुभ मुहूर्त

प्रातः मुहूर्त: दोपहर 12:26 बजे से 1:58 बजे तक
अपराह्न मुहूर्त: दोपहर 3:31 बजे से शाम 5:03 बजे तक
सायाह्न मुहूर्त: रात 8:03 बजे से 9:31 बजे तक
रात्रि मुहूर्त: रात 10:59 बजे से 16 सितंबर की सुबह 3:22 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:44 बजे से 5:41 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:02 बजे से 12:51 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:29 बजे से 3:18 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:35 बजे से 6:59 बजे तक
रवि योग: सुबह 6:17 बजे से दोपहर 3:21 बजे तक

विसर्जन से पहले करें गणपति की विशेष पूजा

गणेश विसर्जन 2026 से पहले भगवान गणेश की विधिवत पूजा करना शुभ माना जाता है। सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर गणपति की पूजा करें। इसके बाद भगवान को मोदक, लड्डू या अपनी श्रद्धा के अनुसार अन्य सात्विक भोग अर्पित करें।

पूजा के दौरान भगवान गणेश से परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें। इसके बाद आरती करके गणपति बप्पा को विदाई देने की तैयारी करें।

गणपति विसर्जन के दौरान इन नियमों का रखें ध्यान

गणेश विसर्जन 2026 के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखने की धार्मिक परंपरा है।

विसर्जन से पहले भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा और आरती करें।
गणपति को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
विसर्जन में शामिल होने वाले लोग साफ-सुथरे कपड़े पहनें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार विसर्जन के दौरान काले कपड़े पहनने से बचना चाहिए।
गणेश प्रतिमा को सम्मानपूर्वक जल में विसर्जित करें।
गणेश उत्सव के दौरान सात्विक भोजन करने और तामसिक भोजन से बचने की परंपरा है।
इस दौरान किसी से विवाद या अपशब्द कहने से बचें और शांत मन से भगवान गणेश का स्मरण करें।

श्रद्धा के साथ दें बप्पा को विदाई

गणेश विसर्जन 2026 केवल प्रतिमा विसर्जन की प्रक्रिया नहीं बल्कि भगवान गणेश को श्रद्धापूर्वक विदाई देने का अवसर माना जाता है। भक्त पूजा और आरती के बाद गणपति बप्पा को अगले वर्ष फिर आने का निमंत्रण देते हुए विसर्जन करते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणपति विसर्जन के समय मन में सकारात्मक भाव रखना चाहिए और भगवान गणेश से परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करनी चाहिए। अलग-अलग क्षेत्रों में विसर्जन की परंपरा और समय अलग हो सकते हैं, इसलिए स्थानीय पंचांग को भी ध्यान में रखना उचित है।

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