दिवाली की सफाई: कमरे के हिसाब से पूरी चेकलिस्ट, कम हार्श उत्पादों के साथ
धनतेरस से पहले घर चमकाना है तो एक साथ पूरा घर उठाने के बजाय कमरा-दर-कमरा चलें। यह चेकलिस्ट काम भी आसान करेगी और बच्चों-बुज़ुर्गों वाले घर में तेज़ केमिकल का इस्तेमाल भी कम रखेगी।
दिवाली की सफाई ज़्यादातर घरों में एक बड़ा प्रोजेक्ट बन जाती है। अलमारियां खाली होती हैं, पंखे उतरते हैं और पूरा परिवार हफ्ते भर इसी में लगा रहता है। अक्सर थकान इसलिए ज़्यादा होती है क्योंकि काम बिना योजना के शुरू हो जाता है और हर कमरे में आधा-अधूरा छूट जाता है।अच्छी खबर यह है कि थोड़ी प्लानिंग और सही उत्पादों से यह काम कम समय में और कम परेशानी के साथ हो सकता है।
शुरुआत कैसे करें
सफाई शुरू करने से कम से कम दो हफ्ते पहले एक कागज़ पर घर के सभी कमरों की सूची बना लें और हर कमरे के लिए एक या दो दिन तय कर दें। पहले कबाड़ निकालें, फिर सफाई करें। जो सामान साल भर से इस्तेमाल नहीं हुआ, उसे दान करने या रीसायकल करने का यही सही समय है।
एक नियम याद रखें: ऊपर से नीचे की ओर सफाई करें। पहले पंखे, जाले और ऊंची अलमारियां, फिर खिड़कियां और फर्नीचर, और सबसे आखिर में फर्श। इससे गिरी हुई धूल दोबारा साफ़ करने की नौबत नहीं आती।
कमरे के हिसाब से चेकलिस्ट
- पूजा घर: मूर्तियों और दीयों को सूखे मुलायम कपड़े से साफ़ करें। पीतल और तांबे के बर्तनों के लिए नींबू और नमक या इमली जैसे घरेलू तरीके काम आते हैं। पुरानी अगरबत्ती की राख और बचे हुए फूल हटा दें।
- रसोई: चिमनी की जाली को गर्म पानी, डिशवॉश लिक्विड और थोड़े बेकिंग सोडा में भिगोकर रखें, फिर ब्रश से साफ़ करें। मसालों के डिब्बे खाली करके एक्सपायरी देख लें। गैस स्टोव के बर्नर और टाइल्स की चिकनाई पर खास ध्यान दें।
- बैठक (लिविंग रूम): पर्दे और कुशन कवर धुलाई के लिए उतारें। सोफे को वैक्यूम करें और दीवारों के कोनों से जाले हटाएं। इलेक्ट्रॉनिक सामान पर पानी न छिड़कें, सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े का इस्तेमाल करें।
- बेडरूम: गद्दे धूप में रखें, अलमारी के कपड़े छांटें और चादरें बदलें। बेड के नीचे जमा धूल को न भूलें।
- बाथरूम: टाइल्स के जोड़ों, नल और शॉवर हेड पर जमे पानी के दाग साफ़ करें। टॉयलेट क्लीनर को बाकी क्लीनर से अलग रखें और कभी आपस में न मिलाएं।
- बालकनी और मुख्य दरवाज़ा: गमलों के आसपास की मिट्टी साफ़ करें, ग्रिल और दरवाज़े पोंछें। रंगोली और तोरण के लिए जगह तैयार रखें।
- फर्श (सबसे आखिर में): पूरे घर का पोछा तब लगाएं जब बाकी सब काम हो चुका हो। मार्बल पर नींबू या सिरका जैसी खट्टी चीज़ें न लगाएं, इनसे उसकी चमक खराब हो सकती है।
कम हार्श उत्पाद क्यों और कैसे चुनें
दिवाली के दिनों में घर में मेहमान, बच्चे और कई बार पालतू जानवर भी होते हैं। ऐसे में बहुत तेज़ गंध वाले क्लीनर से कमरे भर जाएं, यह कोई नहीं चाहता। कुछ आसान बातें मदद करती हैं।
सफाई के दौरान खिड़कियां खुली रखें। किसी भी दो क्लीनर को, खासकर ब्लीच को किसी दूसरे उत्पाद के साथ, कभी न मिलाएं। हर बोतल का लेबल पढ़ें और उतनी ही मात्रा इस्तेमाल करें जितनी लिखी है। सफाई का सामान बच्चों की पहुंच से दूर रखें, चाहे वह कितना भी हल्का बताया गया हो।
उत्पाद चुनते समय यह देखें कि उसमें क्या है, इसकी जानकारी साफ़ दी गई है या नहीं। आजकल कई भारतीय ब्रांड पौधों से बने और बायोडिग्रेडेबल विकल्प दे रहे हैं, जिनका पानी नाली में जाने के बाद पर्यावरण पर कम बोझ डालता है।
एक उदाहरण और कुछ आखिरी सुझाव
ऐसे ही ब्रांड्स में गुरुग्राम का Peels & Co है, जो फर्श, बर्तन, टॉयलेट और कपड़ों के लिए प्लांट-बेस्ड क्लीनर बनाता है। कंपनी के मुताबिक इसके उत्पाद 100% बायोडिग्रेडेबल हैं, बच्चों और पालतू जानवरों के लिए सुरक्षित हैं, स्वतंत्र लैब में टेस्ट किए गए हैं और इनमें हार्श टॉक्सिन्स, पैराबेन और सिंथेटिक VOCs नहीं हैं। ब्रांड ने अपने ब्लॉग पर त्योहार से पहले घर की सफाई का पूरा प्लान भी साझा किया है, और दिवाली की डीप क्लीनिंग के लिए ज़रूरी उत्पादों को एक जगह रखा है।
आखिर में, सफाई को एक दिन का काम न बनाएं। रोज़ एक-दो घंटे दें, परिवार में काम बांटें और पानी पीते रहें। ऊंची जगहों की सफाई के लिए मज़बूत सीढ़ी इस्तेमाल करें और किसी को नीचे से पकड़ने के लिए कहें। दिवाली की असली रौनक साफ़ घर के साथ-साथ सुकून भरे मन से आती है।



