कर्नाटक: कुछ दिन पहले कर्नाटक के एक कॉलेज में छात्राओं के हिजाब पहनने को लेकर कॉलेज प्रबंधन ने प्रतिबंध लगा दिया था उनको कॉलेज परिसर में जाने की इजाजत नहीं दी गई। छात्रों ने इस मामले को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया अब मामला इतना तूल पकड़ चुका है कि राजनीतिक दल भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

बसंत पंचमी के पर्व पर राहुल गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा, “किसान की मेहनत रंग लाती है जब धरती पर फसल शान से लहलहाती है। सभी को बसंत पंचमी व सरस्वती पूजा की शुभकामनाएँ!”

इसी कड़ी में राहुल गांधी ने कर्नाटक के एक कॉलेज में हिजाब पहनने पर लगाई गई पाबंदी को लेकर ट्वीट करते हुए कहा कि, “छात्राओं के हिजाब को उनकी शिक्षा में आड़े आने देकर हम भारत की बेटियों का भविष्य लूट रहे हैं।”

वहीं कर्नाटक के गृहमंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने बयान दिया है कि किसी भी संस्थान में धर्म को शिक्षा से दूर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पढ़ रहे छात्रों को न तो हिजाब पहनकर आना चाहिए और ना ही भगवा शॉल।

छात्राओं ने दाखिल याचिका में संविधान के अनुच्छेद 25 का हवाला देते हुए कहा कि अनुच्छेद 25 हमें अपने धर्म के अनुसार अभिव्यक्ति करने की आजादी देता है, जिसके खिलाफ कॉलेज प्रबंधन ने कदम उठाया है। याचिका में कहा गया कि ड्रेस कोड पहनना हमारी निजता का अधिकार है इसमें दखल अंदाज नहीं दिया जा सकता।  कर्नाटक का यह विवाद विधानसभा चुनावों पर कितना सर डालेगा कह नहीं सकते।

बता दें कि अनुच्छेद 25 में धर्म की स्वतंत्रता का उल्लेख भारत के संविधान को बनाए जाने के समय से है। वह किसी भी धर्म के साथ नहीं है तथा राज्य का कोई धर्म नहीं है। राज्य प्रत्येक धर्म को समान रूप से संरक्षण प्रदान करता है वह किसी भी धर्म में हस्तक्षेप नहीं करता है।