इसुदान गढ़वी ने गुजरात में कम बारिश और सूखे के हालात को लेकर सरकार से तत्काल राहत, आर्थिक सहायता और सूखा घोषित करने की मांग की।
आम आदमी पार्टी (AAP) के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष इसुदान गढ़वी ने राज्य के कई हिस्सों में कम बारिश के कारण पैदा हुई स्थिति को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि गुजरात के किसान, पशुपालक, खेतिहर मजदूर और भागिया किसान इस समय गंभीर चिंता में हैं, लेकिन सरकार की ओर से तत्काल राहत देने के बजाय 30 सितंबर तक इंतजार करने की बात कही जा रही है।
30 सितंबर तक इंतजार क्यों?
इसुदान गढ़वी ने वीडियो संदेश के जरिए कहा कि सरकार के एक मंत्री द्वारा मानसून समाप्त होने के बाद स्थिति का आकलन करने और उसके आधार पर सूखे पर विचार करने की बात किसानों की चिंता बढ़ाने वाली है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कई क्षेत्रों में फसलें पहले ही खराब हो चुकी हैं तो राहत के लिए सितंबर के अंत तक इंतजार क्यों किया जाए।
उन्होंने दावा किया कि देवभूमि द्वारका और जामनगर सहित कई इलाकों में बारिश की स्थिति चिंताजनक है। उनके मुताबिक, गांवों में जाकर उन्होंने सूख चुकी मूंगफली की फसलें देखी हैं। ऐसे में अब बारिश होने के बावजूद खराब हो चुकी फसल को दोबारा बचाना मुश्किल होगा।
चार सप्ताह बारिश नहीं होने पर सूखे का प्रावधान
AAP नेता ने राज्य सरकार के 2016 के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि लगातार चार सप्ताह तक बारिश नहीं होने की स्थिति में सूखा घोषित करने का प्रावधान है। उन्होंने सरकार से मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए तत्काल निर्णय लेने की मांग की।
इसुदान गढ़वी ने कहा कि किसानों को केवल भविष्य के आकलन का भरोसा देने के बजाय जमीनी स्थिति के आधार पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री प्रभावित क्षेत्रों का करें दौरा
AAP नेता ने मुख्यमंत्री से खुद प्रभावित इलाकों का दौरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को कलेक्टर के साथ हेलीकॉप्टर से द्वारका, पोरबंदर और जामनगर जैसे क्षेत्रों में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लेना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि प्रभावित किसानों की पहचान कर उनके बैंक खातों में तत्काल आर्थिक सहायता पहुंचाई जाए और जरूरत के अनुसार सूखा घोषित किया जाए।
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पानी और चारे की कमी पर भी चिंता
इसुदान गढ़वी ने कहा कि मौजूदा हालात में केवल फसलों का नुकसान ही चिंता का विषय नहीं है। कई इलाकों में पीने के पानी, सिंचाई के पानी और पशुओं के चारे की भी कमी बताई जा रही है।
उन्होंने सरकार से पशुपालकों के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था करने की मांग की। उनका कहना है कि केवल एक-दो गट्ठर चारा उपलब्ध कराने से समस्या का समाधान नहीं होगा और सरकार को व्यापक स्तर पर व्यवस्था करनी चाहिए।
मनरेगा के तहत काम के दिन बढ़ाने की मांग
AAP गुजरात अध्यक्ष ने ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सहारा देने के लिए मनरेगा के तहत रोजगार के दिनों की संख्या बढ़ाने की मांग भी उठाई। उनका कहना है कि फसल खराब होने की स्थिति में किसानों और खेतिहर मजदूरों की आय प्रभावित होती है, इसलिए उन्हें वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध कराना जरूरी है।
इसुदान गढ़वी ने भाजपा के विधायकों और सांसदों पर भी किसानों की समस्याओं को लेकर सरकार पर पर्याप्त दबाव नहीं बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों के किसानों की आवाज सरकार तक मजबूती से पहुंचानी चाहिए।
मंत्री से बयान बदलने और किसानों को भरोसा देने की मांग
AAP नेता ने सरकार के मंत्री से अपने पहले बयान पर पुनर्विचार करने और किसानों के लिए स्पष्ट एवं आश्वस्त करने वाला नया बयान जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसानों को यह भरोसा मिलना चाहिए कि सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से ले रही है।
इसुदान गढ़वी ने दोहराया कि गुजरात के प्रभावित क्षेत्रों में मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार को 30 सितंबर तक इंतजार करने के बजाय तत्काल कदम उठाने चाहिए। उन्होंने सूखा घोषित करने, किसानों को आर्थिक सहायता देने, पानी और चारे की व्यवस्था करने तथा मनरेगा में रोजगार के अवसर बढ़ाने की मांग की।
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