कृष्णावतारम: पार्ट 1-हृदयम अब दुनियाभर में रिलीज होगी। फिल्म को श्री श्री रवि शंकर और WFAC का साथ मिलेगा।
भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा को केंद्र में रखकर बनाई गई फिल्म ‘कृष्णावतारम: पार्ट 1- हृदयम’ अब भारतीय दर्शकों के बाद अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचने की तैयारी में है। फिल्म की टीम ने इसे दुनियाभर के सिनेमाघरों तक ले जाने के लिए कई प्रमुख संस्थाओं के साथ साझेदारी की है।
यह फिल्म ‘कृष्णावतारम’ ट्रिलॉजी का पहला हिस्सा है। इसका पहला भाग ‘हृदयम’ 7 मई को रिलीज हुआ था। अब मेकर्स इस प्रोजेक्ट को वैश्विक स्तर पर ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं, ताकि भारतीय संस्कृति और कृष्ण की आध्यात्मिक कथा को विदेशों में भी दर्शकों तक पहुंचाया जा सके।
ग्लोबल रिलीज की जिम्मेदारी इन संस्थाओं पर
कृष्णावतारम को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने के लिए Creative Lands Studios, The Art of Living और World Forum for Art and Culture (WFAC) साथ आए हैं। इन संस्थाओं के सहयोग से फिल्म को अलग-अलग देशों में थिएटर रिलीज देने की योजना बनाई जा रही है।
हालांकि, मेकर्स ने अभी इसकी ग्लोबल रिलीज की सटीक तारीख का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। फिल्म की अंतरराष्ट्रीय रिलीज का उद्देश्य भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ-साथ दुनिया के उन दर्शकों तक पहुंचना है, जो भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और पौराणिक कथाओं में रुचि रखते हैं।
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तीन हिस्सों में आएगी कहानी
कृष्णावतारम को तीन भागों में तैयार किया जा रहा है। पहला भाग ‘हृदयम’ दर्शकों के सामने आ चुका है, जबकि ट्रिलॉजी के बाकी दो हिस्से अभी रिलीज होने बाकी हैं।
पहले भाग में भगवान कृष्ण के जीवन से जुड़े भावनात्मक और आध्यात्मिक पहलुओं को दिखाया गया है। कहानी में राधा और रुक्मिणी के साथ कृष्ण के संबंधों को भी प्रमुखता दी गई है। आने वाले भागों में कहानी को आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
श्री श्री रवि शंकर ने साझा किया कृष्ण का अर्थ
फिल्म से जुड़े आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर ने कृष्ण के स्वरूप को लेकर अपनी सोच साझा की। उनके अनुसार कृष्ण केवल एक ऐतिहासिक या धार्मिक पात्र नहीं, बल्कि उस दिव्यता का प्रतीक हैं जो व्यक्ति और पूरे संसार को आकर्षित करती है।
उन्होंने कहा कि जब इंसान जीवन और संसार को एक दिव्य लीला के रूप में समझने लगता है, तब उसके भीतर कृष्ण तत्व का अनुभव होने लगता है।
मेकर्स का क्या है बड़ा विजन?
फिल्म के प्रोड्यूसर डॉ. साजन राज कुरुप का कहना है कि कृष्णावतारम के जरिए भारतीय संस्कृति और उससे जुड़ी मान्यताओं को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करना टीम की प्राथमिकता है।
मेकर्स इस प्रोजेक्ट को केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं रखना चाहते। उनका लक्ष्य इसे सिनेमा, कला और भारतीय विरासत से जुड़ा एक व्यापक वैश्विक सांस्कृतिक आंदोलन बनाने का है।
दुनिया तक पहुंचेगी भारतीय संस्कृति
कृष्णावतारम की अंतरराष्ट्रीय यात्रा भारतीय पौराणिक कथाओं और संस्कृति को नए दर्शक वर्ग तक पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। WFAC और The Art of Living जैसी संस्थाओं के जुड़ने से फिल्म को वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक मंच मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल दर्शकों को इसकी अंतरराष्ट्रीय रिलीज डेट के आधिकारिक ऐलान का इंतजार है। ग्लोबल रिलीज के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि भगवान कृष्ण की यह सिनेमाई कहानी विदेशी दर्शकों के बीच कैसी प्रतिक्रिया हासिल करती है।
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