राजस्थान में भर्ती नियमों की तकनीकी विसंगति दूर करने की प्रक्रिया शुरू, जूनियर इंस्ट्रक्टर भर्ती से जुड़े करीब 550 युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद।
राजस्थान भर्ती नियम: राजस्थान में सरकारी भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत की खबर है। भर्ती प्रक्रिया में नियमों से जुड़ी तकनीकी या प्रशासनिक खामी का असर पात्र अभ्यर्थियों पर न पड़े, इसके लिए राज्य सरकार ने समाधान की दिशा में कदम बढ़ाया है। राजस्थान भर्ती नियम से जुड़ी पुरानी तकनीकी विसंगति को दूर करने के लिए कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग ने प्रक्रिया तेज कर दी है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में विभाग का प्रयास है कि नियमों में मौजूद कमी के कारण किसी योग्य युवा का रोजगार का अवसर प्रभावित न हो। कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने भी अधिकारियों को अभ्यर्थियों के हित में स्थायी समाधान निकालने के निर्देश दिए हैं।
सितंबर 2023 से बनी थी तकनीकी समस्या
दरअसल, सितंबर 2023 में तैयार किए गए सेवा नियमों में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ ट्रेनिंग यानी DGT की कुछ गाइडलाइन्स शामिल नहीं हो सकी थीं। इसके चलते हाल की भर्ती प्रक्रिया में करीब 200 अभ्यर्थियों के चयन और नियुक्ति को लेकर तकनीकी एवं कानूनी स्थिति पैदा हो गई।
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मामला सामने आने के बाद विभाग ने इसे लंबित रखने के बजाय समाधान की प्रक्रिया शुरू की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि राजस्थान भर्ती नियम में मौजूद विसंगति को नियमानुसार दूर करते हुए पात्र अभ्यर्थियों के हित सुरक्षित किए जाएं।
2,500 जूनियर इंस्ट्रक्टर पदों पर भर्ती जारी| राजस्थान भर्ती नियम
राजस्थान सरकार की ओर से जूनियर इंस्ट्रक्टर के करीब 2,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। अब तक लगभग 1,150 अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जा चुकी है।
वहीं करीब 450 अभ्यर्थियों की अनुशंसा राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) को भेजी गई थी। इनमें से 100 अभ्यर्थियों का परिणाम 17 अगस्त 2026 को जारी किया जा चुका है। शेष अभ्यर्थियों के परिणाम और अनुशंसा से जुड़ी प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।
550 युवाओं को मिल सकता है फायदा
विभाग के मुताबिक RSSB के पास पहले से लंबित करीब 350 अनुशंसाओं से जुड़े अभ्यर्थियों को भी सेवा नियमों की तकनीकी विसंगति दूर होने का लाभ मिल सकता है। इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अन्य अभ्यर्थियों को मिलाकर करीब 550 युवाओं के लिए रोजगार की राह आसान होने की उम्मीद है।
इस तरह राजस्थान भर्ती नियम में बदलाव या तकनीकी सुधार का सीधा असर उन युवाओं पर पड़ सकता है, जिनकी नियुक्ति प्रक्रिया नियमों की समस्या के कारण प्रभावित हुई है।
मंत्री ने दिए त्वरित समाधान के निर्देश
कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए मामले का स्थायी समाधान निकाला जाए। उनका जोर इस बात पर है कि किसी योग्य अभ्यर्थी को केवल प्रशासनिक या तकनीकी कमी की वजह से रोजगार से वंचित न होना पड़े।
सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के साथ नियमों में सामने आने वाली पुरानी विसंगतियों को भी दूर किया जाएगा।
भर्ती प्रक्रिया को अभ्यर्थी-केंद्रित बनाने पर जोर
राजस्थान भर्ती नियम से जुड़ी समस्या को दूर करने की यह पहल जूनियर इंस्ट्रक्टर भर्ती में शामिल युवाओं के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार का लक्ष्य केवल नियुक्तियां पूरी करना नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पात्र अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करना भी है।
विभाग की ओर से लंबित अनुशंसाओं और परिणामों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। यदि तकनीकी विसंगति का समाधान निर्धारित प्रक्रिया के तहत हो जाता है, तो करीब 550 अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिलने की संभावना है।
फिलहाल राजस्थान भर्ती नियम में सुधार की प्रक्रिया पर अभ्यर्थियों की नजर बनी हुई है। सरकार की इस पहल से उन युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी नियुक्ति तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से अटकी हुई थी।
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