स्वास्थ्य

प्रेग्नेंसी में हाई BP: कंट्रोल रखने के लिए डाइट में शामिल करें ये 6 पौष्टिक चीजें

प्रेग्नेंसी में हाई BP को मैनेज करने के लिए केला, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दूध-दही, नट्स और प्रोटीन से भरपूर चीजें डाइट में शामिल करें।

गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं। इस दौरान ब्लड प्रेशर बढ़ना ऐसी समस्या है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। प्रेग्नेंसी में हाई BP मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। इसलिए नियमित जांच के साथ संतुलित और पौष्टिक आहार लेना भी जरूरी है।

डाइट में पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और फाइबर जैसे पोषक तत्वों को पर्याप्त मात्रा में शामिल करना सामान्य स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। हालांकि, प्रेग्नेंसी में हाई BP होने पर केवल खान-पान के भरोसे दवाओं या डॉक्टर की सलाह को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

1. केला, संतरा और तरबूज

केला, संतरा और तरबूज जैसे फलों में पोटैशियम समेत कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। संतुलित मात्रा में इनका सेवन स्वस्थ डाइट का हिस्सा हो सकता है। पोटैशियम शरीर में सोडियम और द्रव संतुलन से जुड़ी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है।

गर्भावस्था में फलों का सेवन करते समय ताजे और अच्छी तरह धुले फलों को प्राथमिकता देना बेहतर है। किसी खास फल की मात्रा डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार तय की जा सकती है।

2. पालक और मेथी जैसी हरी सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियां मैग्नीशियम, फोलेट, फाइबर और कई अन्य पोषक तत्वों का स्रोत होती हैं। पालक और मेथी को अच्छी तरह धोकर और पकाकर भोजन में शामिल किया जा सकता है।

संतुलित डाइट के जरिए शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जो गर्भावस्था के दौरान मां और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। प्रेग्नेंसी में हाई BP के मामले में भी पौष्टिक भोजन को डॉक्टर की सलाह के साथ डाइट प्लान का हिस्सा बनाया जा सकता है।

3. ओट्स और ब्राउन राइस जैसे साबुत अनाज

ओट्स, ब्राउन राइस और अन्य साबुत अनाज फाइबर और दूसरे पोषक तत्व प्रदान करते हैं। रिफाइंड अनाज की जगह साबुत अनाज को प्राथमिकता देना सामान्य रूप से संतुलित आहार का बेहतर विकल्प हो सकता है।

इन खाद्य पदार्थों को सब्जियों, दाल और अन्य पौष्टिक चीजों के साथ मिलाकर खाया जा सकता है। इससे भोजन अधिक संतुलित बनता है और पर्याप्त फाइबर भी मिल सकता है।

4. दूध और दही

दूध और दही कैल्शियम के अच्छे स्रोत हो सकते हैं। गर्भावस्था के दौरान कैल्शियम हड्डियों और दांतों के स्वास्थ्य के साथ-साथ शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के लिए जरूरी है।

कम वसा वाले या डॉक्टर द्वारा सुझाए गए डेयरी विकल्पों को भोजन में शामिल किया जा सकता है। यदि किसी महिला को दूध से एलर्जी या लैक्टोज से जुड़ी परेशानी है, तो कैल्शियम के दूसरे स्रोतों के बारे में विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

5. बादाम और अलसी के बीज

बादाम और अलसी जैसे नट्स और बीजों में हेल्दी फैट, फाइबर और कई पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में रोजाना की संतुलित डाइट में शामिल किया जा सकता है।

हालांकि, नट्स और सीड्स अधिक मात्रा में खाने से कैलोरी की मात्रा बढ़ सकती है। इसलिए इन्हें संतुलित मात्रा में लेना बेहतर है।

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6. दाल और अंडे जैसे प्रोटीन स्रोत

दाल, अंडे और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ गर्भावस्था के दौरान पोषण का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकते हैं। प्रोटीन शरीर के ऊतकों के निर्माण और मरम्मत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

शाकाहारी महिलाएं दाल, चना, राजमा, पनीर और अन्य उपयुक्त प्रोटीन स्रोतों को डाइट में शामिल कर सकती हैं। अंडा खाने वाली महिलाएं डॉक्टर की सलाह के अनुसार इसे भी संतुलित आहार का हिस्सा बना सकती हैं।

नमक और पैकेज्ड फूड पर रखें नजर

प्रेग्नेंसी में हाई BP के दौरान खान-पान में अत्यधिक नमक और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड या पैकेज्ड खाद्य पदार्थों से बचना उपयोगी हो सकता है। चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स, पैकेज्ड स्नैक्स और अत्यधिक नमकीन खाद्य पदार्थों में सोडियम की मात्रा अधिक हो सकती है।

हालांकि, गर्भावस्था में बिना डॉक्टर की सलाह के नमक को पूरी तरह बंद करना या किसी विशेष डाइट को अपनाना सही नहीं है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार डॉक्टर उचित सलाह दे सकते हैं।

हाई BP में सिर्फ डाइट पर निर्भर न रहें

यह समझना जरूरी है कि प्रेग्नेंसी में हाई BP केवल खान-पान से ठीक होने वाली समस्या नहीं है। गर्भावस्था में बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर कभी-कभी गंभीर स्थितियों से जुड़ा हो सकता है और इसके लिए नियमित ब्लड प्रेशर जांच तथा चिकित्सकीय निगरानी जरूरी होती है।

अगर तेज सिरदर्द, नजर धुंधली होना या आंखों के सामने चमकती रोशनी दिखना, चेहरे या हाथों में अचानक ज्यादा सूजन, सांस लेने में परेशानी, पेट के ऊपरी हिस्से में तेज दर्द या अचानक तबीयत बिगड़ने जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

प्रेग्नेंसी में हाई BP होने पर डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं अपने मन से बंद या कम नहीं करनी चाहिए। सही डाइट, नियमित जांच, पर्याप्त आराम और चिकित्सकीय सलाह का पालन मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

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