राज्यपंजाब

‘मेरी रसोई’ योजना से 21 लाख से अधिक परिवारों को मिला लाभ: मंत्री लाल चंद कटारूचक

मेरी रसोई योजना पर मंत्री लाल चंद कटारूचक ने जानकारी दी। अब तक 21 लाख परिवारों को राशन किट, लुधियाना में सबसे अधिक वितरण हुआ।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मेरी रसोई’ योजना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवारों तक राशन किट पहुंचाई जा चुकी है।

21 लाख से अधिक परिवारों को मिला लाभ

मंत्री लाल चंद कटारूचक के अनुसार, ‘मेरी रसोई’ योजना के अंतर्गत अब तक 21 लाख से अधिक परिवारों को राशन किट वितरित की जा चुकी हैं। यह योजना राज्य के गरीब और जरूरतमंद वर्ग के लिए एक बड़ी राहत के रूप में सामने आई है।

लुधियाना में सबसे अधिक वितरण

उन्होंने बताया कि वितरण के मामले में लुधियाना जिला सबसे आगे रहा है, जहां अब तक 2.29 लाख राशन किट वितरित की जा चुकी हैं। यह आंकड़ा दर्शाता है कि जिले में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया है।

also read:- 4.43 लाख से अधिक मरीज, 782 करोड़ रुपये का कैशलेस उपचार: भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ से बदल रही है पंजाब के स्वास्थ्य ढांचे की तस्वीर

₹1000 करोड़ का बजट आवंटित

सरकार की ओर से इस मेरी रसोई योजना के लिए लगभग ₹1000 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है, ताकि सभी पात्र लाभार्थियों तक समय पर राशन किट पहुंचाई जा सके। मंत्री ने कहा कि योजना का उद्देश्य कोई भी जरूरतमंद परिवार भोजन सुरक्षा से वंचित न रहे।

पूरी निगरानी में तैयार हो रही हैं किट

लाल चंद कटारूचक ने यह भी बताया कि राशन किट की तैयारी और वितरण प्रक्रिया पूरी तरह सख्त निगरानी और पारदर्शिता के तहत की जा रही है। इससे यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि लाभ सीधे सही लोगों तक पहुंचे और किसी भी प्रकार की अनियमितता न हो।

लाभार्थियों से योजना का लाभ लेने की अपील

मंत्री ने सभी पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और समय पर अपनी राशन किट प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर जरूरतमंद तक खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

‘मेरी रसोई’ योजना पंजाब सरकार की उन प्रमुख पहलों में से एक है, जिसका उद्देश्य राज्य में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सशक्त बनाना है।

For English News: http://newz24india.in

Related Articles

Back to top button