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हनुमान जयंती 2026: हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने का महत्व और पौराणिक कथा

हनुमान जयंती 2026: हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाने से भक्तों पर श्री राम की भी कृपा होती है। जानें इसकी पौराणिक मान्यता और महत्व।

हनुमान जयंती 2026 के पावन अवसर पर भक्तगण हनुमान जी की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। इस दिन हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करने से भक्तों पर भगवान श्री राम की भी विशेष कृपा होती है।

भक्तगण हनुमान जयंती पर बजरंगबली को तरह-तरह के भोग अर्पित करते हैं। लेकिन पूजा में तुलसी और सिंदूर के बिना इसे अधूरी माना जाता है। इसलिए इस दिन हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाना अनिवार्य माना जाता है।

पौराणिक कथा: हनुमान जी और सिंदूर

एक पौराणिक कथा के अनुसार, मां सीता अपनी मांग में सिंदूर लगा रही थीं। हनुमान जी ने यह देख पूछा कि आप ऐसा क्यों कर रही हैं। मां सीता ने उत्तर दिया कि सिंदूर लगाने से पति की आयु लंबी होती है। यह सुन हनुमान जी ने भी पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया।

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जब भगवान श्री राम ने हनुमान जी को पूरे शरीर पर सिंदूर लगाए देखा, तो उन्होंने पूछा, “हनुमान, यह आपने क्यों किया?” हनुमान जी ने उत्तर दिया कि मां सीता ने आपकी लंबी उम्र के लिए सिंदूर लगाया है, इसलिए मैंने भी इसे अपने शरीर पर लगाया।

भगवान राम ने हनुमान जी की इस भक्ति और निःस्वार्थ भाव को देखकर आशीर्वाद दिया कि जो भी भक्त हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएगा, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी और उसे श्री राम का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा।

हनुमान जयंती पर पूजा का महत्व

हनुमान जयंती पर हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाना केवल भक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि यह भगवान राम की विशेष कृपा पाने का माध्यम भी माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन बजरंगबली को सिंदूर चढ़ाने से संकट, बाधाएं और परेशानियां दूर होती हैं।

भक्तगण इस अवसर पर हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और विशेष आरती भी करते हैं। इससे मन, आत्मा और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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