उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 ( UP Assembly Election 2022 ) की वोटिंग का समय जैसे-जैसे करीब आता जा रहा है, वैसे—वैसे चुनावी रंग भी बदलता जा रहा है. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के असदुद्दीन ओवैसी ( Asaduddin Owaisi of All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen) ने भी एंट्री मारी है. ओवैसी के आने से किस ​दल को फायदा होगा और किसको नुकसान यह तो बाद में देखा जाएगा, लेकिन फिलहाल पहले चरण के पहले पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा, वामन मेश्राम और असदुद्दीन ओवैसी ने यूपी के चुनाव के लिए भागीदारी परिवर्तन मोर्चा का गठन किया है.

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प्रदेश में मुस्लिम समुदाय के तीन उप मुख्यमंत्री होंगे

प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शनिवार को एक कार्यक्रम के दौरान असदुद्दीन ओवैसी के साथ बाबू सिंह कुशवाहा तथा वामन मेश्राम ने इस भागीदारी परिवर्तन मोर्चा के गठन की घोषणा की. इस दौरान ओवैसी ने कहा कि अगर उनका गठबंधन उत्तर प्रदेश की सत्ता में आता है तो राज्य का एक नहीं बल्कि दो मुख्यमंत्री होंगे. इन मुख्यमंत्रियों में एक ओबीसी समुदाय से और दूसरा दलित समुदाय से होगा. इसके साथ ही प्रदेश में मुस्लिम समुदाय के तीन उप मुख्यमंत्री होंगे.

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इससे पहले ओवैसी ने 27 प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की

दरअसल, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी, जन अधिकार पार्टी के बाबू सिंह कुशवाहा व भारत मुक्ति मोर्चा के वामन मेश्राम मोर्चा ने मोर्चा संभाला है. इन तीनों ही नेताओं ने मिलकर यूपी विधनासभा चुनाव के लिए भागीदारी परिवर्तन मोर्चा का भी गठन किया है. आपको बता दें कि इससे पहले ओवैसी ने 27 प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की है.