UP News: वाराणसी को मिली ₹25,446 करोड़ की बड़ी सौगात, बनेंगे दो आधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर
केंद्र सरकार ने 46 किमी और 43 किमी लंबे दो हाई-स्पीड एलिवेटेड कॉरिडोर को दी मंजूरी, ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत और यात्रा होगी तेज
केंद्र ने वाराणसी के लिए ₹25,446 करोड़ की दो एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को मंजूरी दी। ट्रैफिक जाम घटेगा, यात्रा समय कम होगा और कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी को बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सौगात दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए ₹25,446 करोड़ की लागत वाली दो एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इस जानकारी की पुष्टि केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की।
इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद वाराणसी और आसपास के जिलों में ट्रैफिक जाम में बड़ी कमी आने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन, व्यापार और लॉजिस्टिक्स को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
गंगा किनारे बनेगा 46 किमी लंबा 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर
पहली परियोजना के तहत गंगा नदी के किनारे 46 किलोमीटर लंबा 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। इस परियोजना पर ₹14,448 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
यह कॉरिडोर NH-19 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा और इसका लाभ मुख्य रूप से वाराणसी और चंदौली जिलों को मिलेगा।
इस परियोजना में आधुनिक केबल-स्टे ब्रिज, एक्स्ट्राडोज्ड फुट ओवर ब्रिज, लूप, रैंप, लिंक रोड और सर्विस रोड का निर्माण भी किया जाएगा।
इन प्रमुख स्थानों तक मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
इस कॉरिडोर के बनने के बाद निम्न प्रमुख स्थानों तक आवागमन आसान होगा—
- काशी विश्वनाथ मंदिर
- गंगा घाट
- IIT-BHU
- नमो घाट
- काशी रेलवे स्टेशन
- रामनगर किला
- वाराणसी रिंग रोड
वर्तमान में लगभग 60 मिनट लगने वाला सफर घटकर करीब 20 मिनट का रह जाएगा।
वरुणा नदी के किनारे बनेगा दूसरा हाई-स्पीड कॉरिडोर
दूसरी परियोजना के तहत वरुणा नदी के किनारे 43 किलोमीटर लंबा 6/4-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹10,998 करोड़ है।
यह कॉरिडोर NH-31 को वाराणसी रिंग रोड से जोड़ेगा। इसमें फ्लाईओवर, लूप, रैंप और सर्विस रोड जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।
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रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक आसान सफर
इस कॉरिडोर के पूरा होने के बाद NH-31 से काशी रेलवे स्टेशन तक की यात्रा का समय 40 मिनट से घटकर 20 मिनट रह जाएगा।
80 से 100 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाले इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से इन प्रमुख स्थानों तक तेज कनेक्टिविटी मिलेगी—
- वाराणसी एयरपोर्ट
- वाराणसी जंक्शन
- वाराणसी कैंट स्टेशन
- चौका घाट
- सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय
- काशी रेलवे स्टेशन
- नमो घाट
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा लाभ
वाराणसी हर साल लगभग 15 करोड़ पर्यटकों और श्रद्धालुओं का स्वागत करता है। ऐसे में इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव कम होगा और धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।
साथ ही माल परिवहन, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक गतिविधियों और स्थानीय व्यापार को भी बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।
HAM मॉडल पर होगा निर्माण
दोनों एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य आधुनिक सड़क अवसंरचना के जरिए वाराणसी को देश के सबसे बेहतर कनेक्टिविटी वाले शहरों में शामिल करना है। इन परियोजनाओं से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि पूर्वांचल के आर्थिक विकास को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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